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धार्मिक

Jaipur

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यह लेख “जिंदगी मुख़्तलिफ़ शुअरा की नज़र में” इंसानी ज़िंदगी की हक़ीक़त को बयान करता है। इसमें बताया गया है कि जिंदगी अल्लाह की अज़ीम नेमत है, मगर इंसान अक्सर इसकी क़द्र नहीं करता। शुअरा ने अपने-अपने अंदाज़ में जिंदगी को बयान किया है—चकबस्त ने इसे मौत से जोड़ा, फिराक़ ने उदासी का पैग़ाम दिया, ग़ालिब ने शिकवा किया, मीर ने इसे बुलबुले से तशबीह दी, जबकि कुछ शायरों ने… Read More

इस्लाम में तालीम का महत्व

Jaipur

इस्लाम में तालीम की शुरुआत "इक़रा" से होती है, जिसका मतलब है "पढ़ो"। पैग़म्बर ﷺ ने इंसानियत और इल्म का पैग़ाम दिया। खलीफ़ाओं के दौर से लेकर अब्बासी ख़िलाफ़त और बग़दाद के "हाउस ऑफ़ विज़डम" तक, इस्लामिक गोल्डन एज में इल्म का इतना इज़ाफ़ा हुआ कि पूरी दुनिया ने उसका फ़ायदा उठाया। इब्ने सीना, अल-जहरावी, अल-ख्वारिज़्मी जैसे आलिम और साइंटिस्टों ने दीन व दुनियावी दोनों इल्म में बेहतरीन काम किए।…

जयपुर लोकसभा सांसद मंजू शर्मा ने पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसेफ को राखी बांधी

जयपुर

जयपुर लोकसभा सांसद मंजू शर्मा ने रक्षाबंधन के अवसर पर रिज़र्व पुलिस लाइन चांदपोल में पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ और अन्य पुलिस अधिकारियों को राखी बांधी। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने माताओं और बहनों की सुरक्षा में पूरी निष्ठा और जान की बाजी लगाने तक का संकल्प लिया। महिला पुलिसकर्मियों ने भी अपने साथियों को राखी बांधकर भाईचारे और सुरक्षा का संदेश दिया।

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स्वामी बालमुकुंदाचार्य की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे

जयपुर

आमेर रोड स्थित होटल हैरिटेज में आयोजित विशेष कार्यक्रम में महिलाओं ने स्वामी बालमुकुंदाचार्य को राखी बांधकर रक्षा बंधन का पर्व मनाया। इस अवसर पर स्वामी ने कहा कि माताओं और बहनों की रक्षा करना हर व्यक्ति का धर्म है और यही पर्व का असली संदेश है।

बहिनों ने अपने भाईयों के कलाई पर बांधी राखी

चौमूं

चौमूं में रक्षाबंधन का पर्व उत्साह और भाई-बहन के प्रेम के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर राखी बांधी, मिठाई खिलाई और उनकी लंबी उम्र व खुशहाली की दुआ मांगी। भाइयों ने उपहार देकर जीवनभर रक्षा का वचन दिया। छोटे बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के तहसील अध्यक्ष बने मौलाना मुहम्मद अबसार नाशरी

सवाई माधोपुर

मदरसा तहज़ीबुल इस्लाम, सवाई माधोपुर में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की तहसील कमेटी का गठन हुआ जिसमें मौलाना मुहम्मद अबसार नाशरी को अध्यक्ष चुना गया। नई कमेटी ने हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद का फैसला किया और सभी मसाजिद के इमामों से इमदाद इकट्ठा करने की अपील की।

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हज़रत सुलेमान अ. स. का वाकिया

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यह वाक़िया हज़रत सुलेमान अ. स. के एक मौज़े का ज़िक्र करता है, जिसमें उन्होंने एक शख्स को जानवरों की बोली समझने की खासियत दिलवाई। लेकिन उस शख्स ने इस नेमत का गलत इस्तेमाल किया और नतीजतन अपनी मौत के बारे में जानकर डर गया। यह घटना हमें यह सबक देती है कि अल्लाह की दी हुई नेमतों पर सब्र और शुक्र करना चाहिए और दूसरों की नेमतों की तमन्ना…

हजरत दीवाना शाह के उर्स में संदल पेश करने की रस्म अदा

कपासन

कपासन में सूफी संत हज़रत दीवाना शाह साहब र.अ. के 84वें उर्स का आयोजन तीन दिनों तक धूमधाम से मनाया गया। शुक्रवार रात महफिले मिलाद और कव्वाली की महफिल में देशभर से 31 कव्वाल पार्टियों ने शिरकत की। शनिवार को संदल पेश करने की रस्म अदा की गई, और रविवार को कुल की फातिहा के साथ उर्स सम्पन्न हुआ। इस दौरान 6 क्विंटल चावल, 6 क्विंटल शक्कर और मेवों से…

ऑल इंडिया सीरत कमेटी की राष्ट्रीय कार्यकारणी की घोषणा

नई दिल्ली/कोटा

नई दिल्ली के दरियागंज में ऑल इंडिया सीरत कमेटी की बैठक हुई, जिसमें देश के सात प्रांतों के विद्वानों ने भाग लिया। बैठक में 1500 साला ईद मिलादुन्नबी मनाने के लिए नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की गई। नियाज़ अहमद निक्कू को महासचिव, कारी रियासत अली को उपाध्यक्ष और मौलाना मुहम्मद कलीम अशरफ को नाजिम बनाया गया। बैठक में इस्लामी परंपराओं के अनुसार सादगी और भाईचारे से ईद मिलादुन्नबी मनाने की…

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ख़िराज-ए-आक़ीदत

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5 अगस्त 2024 को मरहूमा गुलज़ार बेगम ख़ान का इंतक़ाल हुआ था। आज उनकी पहली बरसी के मौके पर पूरा ख़ानदान उन्हें दिल से याद कर रहा है। उनकी मोहब्बत, दुआओं और शफ़क़त से भरे लम्हों को याद करते हुए ख़िराज-ए-आक़ीदत पेश किया गया। सभी अज़ीज़-ओ-अक़ारिब से गुज़ारिश की गई है कि मरहूमा की मग़फ़िरत और सुकून-ए-रूह के लिए दुआ करें।

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