इमाम हुसैन शहीदे कर्बला का पैगाम !
इमाम हुसैन रसूले पाक के नवासे और सय्येदना अली और सय्येदा फातिमा बिन्ते रसूलुल्लाह के दूसरे साहिबजादे हैं। आपका बचपन... Read more Read More
इमाम हुसैन रसूले पाक के नवासे और सय्येदना अली और सय्येदा फातिमा बिन्ते रसूलुल्लाह के दूसरे साहिबजादे हैं। आपका बचपन... Read more Read More
भारत में धार्मिक आधार पर पलायन की समस्या लगातार बढ़ रही है। जयपुर जैसे शहरों में भी राजनीतिक लाभ के लिए साम्प्रदायिक सौहार्द को तोड़ने की कोशिशें हो रही हैं। यह रिपोर्ट बताती है कि किस तरह अल्पसंख्यक वर्गों को प्रताड़ित कर सामाजिक तनाव फैलाया जा रहा है। यह प्रवृत्ति न केवल सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरनाक है बल्कि आर्थिक व पर्यटन क्षेत्र को भी प्रभावित कर रही है।
हम ये सब जानते हैं कि बहैसियत मुसलमान अल्लाह तआला ने हम सबको अपनी इबादत के लिए पैदा किया है,... Read more
यूसुफ मेहर अली का जन्म 1903 में महाराष्ट्र के बॉम्बे (मुंबई)में एक संपन्न परिवार में हुआ था। बचपन में मेहर... Read more
मोहर्रम की दस तारीख को यौमे आशूरा कहा जाता है। मोहर्रम हिजरी कैलेंडर का पहला महीना है। इसी महीने से... Read more
भारत की विविधता की निरंतर विकसित होती कहानी में, शिया मुसलमानों का एक संप्रदाय, दाऊदी बोहरा समुदाय एक शांत लेकिन... Read more
हज़रत हुसैन र.अ. की कर्बला में शहादत अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े होने की एक शाश्वत मिसाल है। आज ग़ज़ा के घिरे हुए मासूमों की पुकार उसी कर्बला की याद दिलाती है। यह लेख कर्बला और ग़ज़ा के संघर्ष को जोड़ते हुए प्रतिरोध, पीड़ा और न्याय की साझी विरासत को सामने लाता है।
हजरत बहलोल र.अ. शहर बसरा की एक गली से गुजर रहे थे, आपने देखा कि बच्चे गली में अखरोट और... Read more
ईरान से युद्ध में तबाही देखने के बाद इजराइल ने पहली बार गाजा में हमास के खिलाफ चल रहे 21 महीने पुराने युद्ध को विराम देने की मंशा जताई है। अब इजराइल उत्तरी गाजा से सेना हटाएगा और हमास कुछ इजरायली बंधकों को रिहा करेगा। कतर और मिस्र की मध्यस्थता से 60 दिन के युद्धविराम की तैयारी है।
देश में मुसलमानों की हालत दलितों से भी बदतर हो गई है। राजनीतिक दलों ने मुस्लिम समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है, लेकिन शिक्षा, रोजगार और विकास के सवाल अब भी अनसुलझे हैं। वक्त है राजनीतिक जागरूकता का।