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जयपुर

मोहम्मद नासिर हुसैन खान (1926-2002) हिंदी सिनेमा के एक प्रमुख निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक थे, जिन्हें ट्रेंडसेटर माना जाता है। उन्होंने मसाला फिल्म शैली की शुरुआत यादों की बारात (1973) से की और कयामत से कयामत तक (1988) के माध्यम से 90 के दशक के संगीतमय रोमांस का खाका तैयार किया, जिसमें उन्होंने अपने भतीजे आमिर खान को लॉन्च किया। Read More

जवाहर लाल नेहरू, देश के प्रथम प्रधानमंत्री, जिन्हें नन्हे बच्चों और गुलाब से बेहद प्यार था

जयपुर

यह लेख भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालता है। 14 नवंबर 1889 को जन्मे नेहरू एक दूरदर्शी नेता, लेखक और महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने महात्मा गांधी से प्रभावित होकर असहयोग और भारत छोड़ो जैसे आंदोलनों का नेतृत्व किया और नौ बार जेल गए।

हुजूर स.अ. की हजरत अबूज़र र.अ. को वसीयतें और नसीहतें

जयपुर

यह धार्मिक आलेख हज़रत अबूज़र ग़िफ़ारी (र.अ.) को पैगंबर मुहम्मद (स.अ.) द्वारा दी गई महत्वपूर्ण वसीयतों और नसीहतों का संकलन है। ये वसीयतें ईमान, नैतिकता और सामाजिक व्यवहार के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन करती हैं।

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भारत के बहुलवादी समाज और साझी विरासत का उत्सव

Jaipur

भारत एक ऐसा देश है जहाँ विविधता और एकता एक-दूसरे की पूरक हैं। यहाँ के धर्म, भाषाएँ, त्यौहार, संगीत और व्यंजन सभी मिलकर एक साझा सांस्कृतिक धरोहर बनाते हैं। सूफी और भक्ति आंदोलनों ने इस एकता को और मजबूत किया। संविधान ने इस बहुलवादी परंपरा को कानूनी रूप दिया। आज ज़रूरत है कि हर नागरिक इस सद्भाव को बचाए रखे और समाज में सहिष्णुता व सम्मान की भावना को आगे…

चुनौतियों के बावजूद उपलब्धियां हासिल कर रहा मुस्लिम वर्ग

Jaipur

मुख्यधारा की राजनीति और समाज में अक्सर हाशिए पर दिखाए जाने के बावजूद भारतीय मुसलमान आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। डॉ. शाहिद जमील जैसे वैज्ञानिक, नजमा अख्तर और नईमा खातून जैसी शिक्षाविद, अजीम प्रेमजी और हबीब खोराकीवाला जैसे उद्योगपति, और शाहरुख़ ख़ान व उस्ताद ज़ाकिर हुसैन जैसे सांस्कृतिक प्रतीक — ये सब उस नई कहानी के किरदार हैं जो मुस्लिम समुदाय को केवल “पीड़ित” नहीं बल्कि…

माँ-बाप की ख़िदमत: हर इबादत से ऊँचा मक़ाम

Jaipur

माँ-बाप की ख़िदमत इस्लाम में अल्लाह के बाद सबसे बुलंद मक़ाम रखती है। हदीस में आया है कि वालिदैन की सेवा करने वाला वही सवाब पाता है जो हज-उमरे या जिहाद से मिलता है — इसलिए दीन का असली मतलब अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाना है।

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अहिंसात्मक आंदोलन के सबसे बड़े जनक थे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी

Jaipur

महात्मा गांधी आधुनिक भारत के इतिहास की सबसे महान हस्ती माने जाते हैं। उनका पूरा जीवन सत्य और अहिंसा पर आधारित रहा। दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह से लेकर भारत में चंपारण आंदोलन, खेड़ा सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन तक उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी। गांधीजी केवल राजनीतिक नेता ही नहीं बल्कि एक दार्शनिक, सामाजिक सुधारक और आध्यात्मिक व्यक्तित्व भी थे। उनकी विचारधारा ने दुनिया…

मंगोलों ने बसाया था दिल्ली का मंगोलपुरी इलाका?

Jaipur

दिल्ली का मशहूर इलाका मंगोलपुरी अपने नाम के पीछे एक अनोखी कहानी रखता है। 1297 से 1306 के बीच मंगोलों ने भारत पर कई बार हमला किया। तीसरे हमले के बाद कुछ मंगोल सैनिक दिल्ली में रह गए और बादशाह जलालुद्दीन खिलजी से शरण मांगी। खिलजी ने शर्त रखी कि वे इस्लाम कबूल करें, जिसे उन्होंने मान लिया। इसके बाद खिलजी ने उनके लिए एक बस्ती बसाई जिसका नाम 'मंगोलपुर'…

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख सिपहसलार उबैदुल्लाह सिंधी

Jaipur

मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी का जन्म 10 मार्च 1872 को सियालकोट के एक सिख परिवार में हुआ। इस्लाम स्वीकार करने के बाद उन्होंने आजादी के आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। राजा महेंद्र प्रताप की प्रवासी सरकार में होम मिनिस्टर रहते हुए उन्होंने अफगान अमीर को ब्रिटिश भारत के खिलाफ युद्ध का प्रस्ताव दिया। रूस, तुर्की और मक्का में अध्ययन व शिक्षण के बाद 1936 में भारत लौटे। गांधीजी की अहिंसा की…

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