इजराइल उत्तरी गाजा से सेना हटाएगा एवं हमास बंधकों को रिहा करेगा।
ईरान के साथ युद्ध के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सुर बदल गए हैं। नेतन्याहू हमास को जड़ से समाप्त करने की बात करते थे और कहते थे कि इजराइली बंधकों को छुड़ाने और हमास को पूरी तरह समाप्त करने तक इजराइल फिलिस्तीन में कार्यवाही करता रहेगा। गाजा में इजरायली कार्यवाही के चलते अब तक एक लाख से ज्यादा बच्चों, महिलाओं और मर्दों की मौत हो चुकी है। लाखों गाजा वासी बेघर हो गए हैं और भूखे प्यासे शरणार्थी शिविरों एवं राहत शिविरों में रह रहे हैं। इजराइल ने अमानवीय कृत्य करते हुए बेघर एवं भूखे प्यासे लोगों को राहत सामग्री, खाद्य सामग्री एवं दवाईयां तक पहुंचाने में व्यवधान डाला। इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को ईरान से युद्ध के बाद पहली बार एहसास हुआ कि बेघर होना भूखे प्यासे रहना और बिना दवाइयों के घायल रहना कितना पीड़ादायक होता है। क्योंकि जैसे इजराइल ने गाजा में लोगों के घरों को अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों को बम एवं मिसाइलों से उड़ाकर खण्डर बना दिया उसी तर्ज पर ईरान ने इजरायल के तेल अवीव, हाइफा सहित अन्य शहरों को मिसाइलों से उड़ाकर खण्डर बना दिया। इजराइलियों में ईरानी मिसाइलो की इतनी दहशत थी कि उनको पूरे सप्ताहभर भूमिगत बकरों में रातें गुजारनी पड़ी। इजराइल को अपने लोगों की पीड़ा देखकर एहसास हुआ कि वह गलती पर है। ईरान ने इजराइल के साथ वही किया जो इजराइल ने गाजा के साथ किया। यही कारण है कि इजराइल हमास के साथ स्थाई युद्ध विराम के लिए राजी हुआ है। वैसे भी 21 महीने के युद्ध ने इजराइल को खोखला कर दिया है। बिना अमेरिका के इजराइल पूरे 1 सप्ताह युद्ध नहीं लड़ सकता है। 21 महीने तक चले युद्ध से इजराइल के दुश्मनों में कोई भी कमी नहीं आई है। हुती एवं हिज्बुल्लाह अभी भी कह रहे हैं कि जब तक इजराइल हमास पर आक्रमण करता रहेगा तब तक वे भी इजराइल से युद्ध जारी रखेंगे। अमेरिका को इजराइल युद्ध के कारण बड़ा आर्थिक एवं राजनीतिक नुकसान हो रहा है। इजराइल युद्ध के कारण अमेरिका कंगाली के दहलीज पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को झुकना पड़ रहा है। इसलिए इजराइल हमास युद्ध जल्दी है सबके सामने होगा और गाजा में भूखे प्यासे लोगों को राहत मिलेगी। इजराइल हमास समझौता कराने में कतर और मिस्र का भी अहम योगदान है। समझौते के तहत हमास पहले आठ इजरायली बंधकों को छोड़ेगा और इजराइल उतरी गाजा से अपनी सेना हटाना शुरू करेगा। यह युद्ध विराम 60 दिन तक चलेगा और दोनों के बीच अमेरिका के मध्यस्तता में बातचीत जारी रहेगी। इसके बाद स्थाई युद्ध विराम समझौते का प्रस्ताव फाइनल किया जाएगा। यदि इजराइल हमास के साथ युद्ध विराम नहीं करता है तो उसे फिर से हमास, हुती और हिजबुल्ला के आक्रमण शुरू हो जाएंगे। ईरान पहले से ज्यादा ताकतवर बनकर उभरा है जो इजराइल को दबाव में लाने के लिए प्रयास करेगा।
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