हुक़ूक़ुल्लाह और हुक़ूक़ुल इबाद
इस लेख में बताया गया है कि इस्लाम में इल्म हासिल करना और सवाल करना कितना ज़रूरी है। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने फ़रमाया कि जहालत का इलाज सवाल है। आगे चलकर “हुक़ूक़ुल्लाह” और “हुक़ूक़ुल इबाद” के मानी समझाए गए हैं — यानी अल्लाह के हक़ और इंसानों के हक़। उलेमा के मुताबिक़ दोनों ही अहम हैं, लेकिन जब दोनों आमने-सामने हों, तो बंदों के हक़ (हुक़ूक़ुल इबाद) की अदायगी को… Read More
