चिंताएं टल जाती हैं
फ़ज़लुर्रहमान की यह शायरी "चिंताएं टल जाती हैं" इंसान के दिल की गहराइयों से निकली दुआ है। इसमें तन्हाई की सर्द रातों में भी उम्मीद का दीया जलता हुआ दिखाई देता है। यह कलाम मोहब्बत, रहमत और जिंदगी के उतार-चढ़ाव को रूहानी अंदाज़ में बयां करता है — जहाँ दर्द भी एक तजुर्बा है और उम्मीद ही सुकून बन जाती है। Read More
