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गूगल मैप की एक गलती से गांव परेशान, लटक गए सरकारी काम, जानें पूरा मामला

गूगल मैप की एक गलती से गांव परेशान, लटक गए सरकारी काम, जानें पूरा मामला

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Google Maps Village Name : फिरोजाबाद। आज के डिजिटल युग में गूगल मैप लोगों की राह आसान बनाने का काम करता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के एक गांव के लिए यही तकनीक बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। गांव के नाम की वर्तनी में हुई एक छोटी सी गलती ने सैकड़ों ग्रामीणों के जरूरी सरकारी काम रोक दिए हैं। यह मामला तहसील सदर और ब्लॉक नारखी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत आकलाबाद हसनपुर का है। यहां राजस्व अभिलेखों और सरकारी दस्तावेजों में गांव का नाम ‘आकलाबाद हसनपुर’ दर्ज है, लेकिन गूगल मैप पर यह गांव ‘अकिलाबाद हसनपुर’ के नाम से दिखाई देता है। नाम में यह मामूली अंतर अब ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।

दरअसल, आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सरकारी योजनाओं और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कई पोर्टल लोकेशन सत्यापन के लिए गूगल मैप के डाटा का इस्तेमाल करते हैं। जब ग्रामीण ऑनलाइन आवेदन करते समय अपने गांव का सही नाम ‘आकलाबाद हसनपुर’ दर्ज करते हैं। ऐसे में सिस्टम उसे गूगल मैप पर मौजूद नाम से मैच नहीं कर पाता। इसके कारण आवेदन प्रक्रिया रुक जाती है और लोगों को जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं मिल पाते।

बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या की वजह से नवजात बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। जन्म प्रमाणपत्र न मिलने से बच्चों के स्कूलों में दाखिले भी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, कई परिवारों को मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते पेंशन, उत्तराधिकार, बीमा क्लेम और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं भी अटक गई हैं। इसके अलावा, नए आधार कार्ड बनवाने और पुराने आधार कार्ड में पता अपडेट कराने में भी लोगों को परेशानी हो रही है। कई पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से भी वंचित रह गए हैं क्योंकि उनके दस्तावेजों में गांव का नाम सत्यापित नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों ने SDM से शिकायती की

गांव के प्रधान नीरज के भाई सोनवीर ने इस समस्या को लेकर मंगलवार को एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत को जांच के लिए बीडीओ नारखी के पास भेजा गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर गांव का नाम ठीक कराने के बजाय संबंधित टीम ने अपनी रिपोर्ट में गूगल मैप पर दर्ज नाम को सही मान लिया और शिकायत का निस्तारण दिखा दिया।

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अब यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया है। एसडीएम सतेंद्र सिंह ने बताया कि यह अपने प्रकार का पहला मामला है। उन्होंने कहा कि गांव के नाम में सुधार कराने के लिए गूगल को पत्र भेजा जाएगा, ताकि मैप पर सही नाम दर्ज हो सके और ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। एक छोटी सी तकनीकी गलती ने पूरे गांव की परेशानी बढ़ा दी है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही गूगल मैप पर गांव का सही नाम दर्ज होगा और उनके रुके हुए काम पूरे हो सकेंगे।

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