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किस की क्या मजबूरी थी

यह शायरी दिल की गहरी भावनाओं और रिश्तों की मजबूरियों को बयाँ करती है। इसमें झूठे बहलावे, टूटे ख्वाब, और एहसानों की परछाइयाँ पेश की...

कविता

अक्टूबर 20, 2025

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ग़ज़ल

फ़ज़लुर्रहमान की यह शायरी इंसान की सीखने की शक्ति, प्यार, वादों और मुश्किल हालात में उठ खड़े होने की प्रेरणा को बयां करती है। इसमें...

कविता

अक्टूबर 14, 2025

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ग़ज़ल

फ़ज़लुर्रहमान की यह ग़ज़ल जीवन के सच और मानव अनुभव की गहराई को बयाँ करती है। इसमें झूठी गवाही, धोखे, तन्हाई और जीवन की वास्तविकताओं...

ग़ज़ल

अक्टूबर 6, 2025

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तू निखरती है

फ़ज़लुर्रहमान की यह कविता प्यार और ज़िन्दगी की सूक्ष्म भावनाओं का बखान करती है। इसमें इश्क़ का मौसम, तल्ख़ रातों की पीड़ा, और जीवन की...

ग़ज़ल

सितम्बर 30, 2025

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ग़ज़ल

यह ग़ज़ल फ़ज़लुर्रहमान द्वारा लिखी गई है, जिसमें प्रेम, यादों और तन्हाई का असर दर्शाया गया है। कवि ने अपने दर्द और रूठी हुई यादों...

ग़ज़ल

सितम्बर 23, 2025