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हम आतंकवादी नहीं… धर्मेंद्र प्रधान बयान पर CJP फाउंडर बोले, शिक्षामंत्री के हाथ छात्रों के खून से रंगे

हम आतंकवादी नहीं… धर्मेंद्र प्रधान बयान पर CJP फाउंडर बोले, शिक्षामंत्री के हाथ छात्रों के खून से रंगे

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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को चौथे दिन भी प्रदर्शन जंतर मंतर पर जारी रखा। भारत में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दहशतगर्दों की B-टीम वाले बयान का जवाब दिया।

अभिजीत ने कहा, ‘सोचिए प्रधान ने क्या कहा। जब हम उन छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं, जिन्होंने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि CJP आतंकवादियों की B टीम है। अभिजीत ने कहा- शिक्षा मंत्री देश के युवाओं को आतंकवादी कह रहे हैं। सर, हम आतंकवादी नहीं हैं। हमें आप जैसे लोगों से देशभक्ति के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। इसके बाद एक्स पर एक और पोस्ट में दीपके ने लिखा, ‘धर्मेंद्र प्रधान हमें आतंकवादी कहते हैं। विडंबना यह है कि उनके हाथ 17 से ज्यादा छात्रों के खून से रंगे हैं।’

शिक्षा मंत्री बोले- जिन्हें डेमोक्रेसी ने रिजेक्ट किया, वे भेष बदलकर आए

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि जिन्हें डेमोक्रेसी में रिजेक्ट कर दिया गया था, वे भेष बदलकर आए हैं और अब सिस्टम के पीछे पड़े हैं। वे उन लोगों के लिए नारे लगाते हैं, जो देश को बांटना चाहते हैं। उनकी पहचान हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर शिक्षा को डिरेल करने की कोशिश कर रहे हैं। फिर चाहे वो कोचिंग सेंटर वाले हों या फिर शिक्षा माफिया हों, इन पर नजर रखी जा रही है। हम इन्हें घुटने पर लाएंगे, नहीं तो हम देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकते।

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39 दिनों में 16 छात्रों ने किया सुसाइड, CJP ने दी श्रद्धांजलि

देश में पिछले 39 दिनों में NEET एग्जाम से जुड़े 16 छात्र-छात्राएं सुसाइड कर चुके। हैदराबाद में शनिवार को 19 साल की NEET अभ्यर्थी शेख सना ने आत्महत्या कर ली। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस का मानना है कि वह परीक्षा के दबाव में थी। नीट की तैयारी के दौरान सुसाइड करने वाले अभ्यर्थियों को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने श्रद्धांजलि दी। छात्रों, अभिभावकों और अन्य लोगों ने कैंडल जलाकर व मौन रखकर उन्हें याद किया। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपक ने परीक्षा के बढ़ते दबाव और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने कहा कि छात्रों को केवल अंकों से नहीं, उनकी मानसिक स्थिति के आधार पर भी समझने की जरूरत है। सरकार से हेल्पलाइन, मनोवैज्ञानिक सहायता और नियमित काउंसलिंग शुरू करने की मांग की गई।

CJP कहां-कहां कर चुकी हैं प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके और उनके समर्थक देश कई अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदर्शन की शुरुआत दिल्ली के जंतर-मंतर से हुई थी। इसके बाद पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद में प्रदर्शन किया गया था।

CJI का बयान बना CJP के बनने की वजह

CJP का जन्म चीफ जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं पर दिए एक बयान के बाद हुआ। दरअसल CJI सूर्यकांत ने 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहा था। उन्होंने कहा- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने एक वकील की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उसने सीनियर एडवोकेट का दर्जा पाने की मांग की थी। बेंच ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा- समाज में पहले से ही पैरासाइट (परजीवी) हैं, जो सिस्टम पर हमला करते हैं।

16 मई को हुई CJP पार्टी की शुरुआत

इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया। 10 जून तक CJP ते इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ फॉलोअर्स थे। अब इसमें दो लाख की गिरावट आई है। फिर भी यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं।

पहले AAP से जुड़े थे अभिजीत दीपके

30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।

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