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‘वे कहते थे इस सरकार में…’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले अभिजीत दीपके, क्या मोहन भागवत के बयान के बाद शिक्षा मंत्री ने दिया इस्तीफा?

‘वे कहते थे इस सरकार में…’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले अभिजीत दीपके, क्या मोहन भागवत के बयान के बाद शिक्षा मंत्री ने दिया इस्तीफा?

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Dharmendra Pradhan Resign News : नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। धर्मेन्द्र प्रधान ने खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके अपने इस्तीफे की जानकारी दी। NEET पेपर लीक के लिए उन्हें दोषी बताकर जंतर-मंतर पर 36 दिन से धरना प्रदर्शन चल रहा था। आंदोलनकारियों का कहना था कि धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से कम में वह नहीं मानेंगे। धर्मेन्द्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा- वे कहते थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।

अभिजीत दीपके बोले- कॉकरोच की जीत हुई

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा- धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच की जीत हुई। उन्होंने कहा, मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन हमारी दो और मांगे हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है। जिन बच्चों ने सुसाइड किया उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले। पुलिस वालों पर एक्शन होना चाहिए। दिल्ली पुलिस अधिकारी याद रखें कॉकरोच से पंगा लिया है। हमने तो एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया, तो तुम लोग क्या चीज हो। छात्रों पर केस वापस होने चाहिए। भैया ये लोकतंत्र है। मुझे एक महीने से लोग कहते थे क्या कर रहे हो कब तक बैठोगे। ये इस्तीफा नहीं देंगे। ये मनमानी सरकार है, लेकिन हमने कर दिखाया।

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर साझा किया पत्र

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे का पत्र जारी किया। जिसमें उन्होंने लिखा- मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

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‘देश के युवाओं की गहरा सम्मान करता हूं’

उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं।

नीट पेपर लीक पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?

उन्होंने आगे लिखा, तीन मई 2026 को हुई नीट-यूजी की परीक्षा में अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तारीख की घोषणा की। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया।

री-नीट पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए ‘पूरी सरकार का समन्वित दृष्टिकोण’ के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, खासकर जिला प्रशासन की अहम भूमिका रही। उन्होंने आगे कहा, साथ ही छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।

धर्मेंद्र प्रधान बोले- हम छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे

पहले ही दिन से मैंने इसकी जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने आगे लिखा, 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।

मोहन भागवत के बयान के बाद आया शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार सुबह दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था, ‘हम मनमानी करेंगे, शक्ति से सबके मालिक बनेंगे, ऐसा नहीं हो सकता।’ मोहन भागवत ने कहा था- आज की नई पीढ़ी बहुत सारे सवाल पूछती है। हमें आदेश देने की बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्हें हर बात के पीछे का तर्क समझाना चाहिए, न कि आदेश देना चाहिए। संवाद के जरिए ही उन्हें सही दिशा दिखाई जा सकती है।

धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफे पर आप ने दी प्रतिक्रिया

धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। आप ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा-बच्चों, पूरे भारत को आप पर नाज है। आपने इस अहंकारी सरकार को दिखा दिया है कि लाठियाँ बरसा लो, आंसू गैस के गोले दाग लो, पेलेट गन चला लो, लेकिन हम झुकेंगे नहीं। वहीं आप पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा- युवा शक्ति जिंदाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद। जिस और जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता हैं। देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत कुम्भकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर किया। पेपर लीक से शुरू हुई लड़ाई, रोज़गार तक जाएगी। इसके बाद अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी। आंदोलन के विजय की बधाई।

इस्तीफे के पीछे सीजेपी आंदोलन

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व मुख्य रूप से कॉकरोच जनता पार्टी के हाथों में था। सीजेपी जून की शुरुआत से ही इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरी हुई थी। इस आंदोलन का सबसे बड़ा मोड़ 20 जुलाई को आया, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों और युवा पेशेवरों का ऐतिहासिक हुजूम उमड़ पड़ा। उन्होंने वहां से संसद भवन तक मार्च करने की योजना बनाई थी, जिसे हाल के वर्षों का सबसे बड़ा युवा आंदोलन बताया गया। दिल्ली के अलावा मुंबई समेत कई अन्य बड़े शहरों में भी इस आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन हुए, जहां प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी झड़पें हुईं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।

सोनम वांगचुक के अनशन ने मजबूत हुआ आंदोलन

नीट परीक्षा में सुधारों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को तब और बड़ी ताकत मिली, जब जाने-माने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में आ गए। उन्होंने छात्रों की मांगों के समर्थन में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। 20 दिनों के लंबे अनशन के बाद जब उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने लगा, तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य ने पूरे देश का ध्यान इस मुद्दे की तरफ खींचा। उनके अस्पताल में भर्ती होने के तुरंत बाद सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए, जिसने आंदोलन की आग को और भड़का दिया।

NEET पेपर लीक मामले में अब तक 13 अरेस्ट

3 मई 2026 को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक हुआ। सरकार और NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा कराई। इस दौरान देशभर में कई छात्रों ने सुसाइड किया। फिलहाल मामले की जांच CBI कर रही है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में पड़ताल हुई। अब तक 13 आरोपी पकड़े गए हैं। CBI जल्द ही इस चार्जशीट फाइल कर सकती है।

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