Loading...

कैदी से प्यार फिर लिव-इन अब विवाह की तैयारी; राजस्थान में पहली बार जेल में होगी 2 हत्यारों की शादी

कैदी से प्यार फिर लिव-इन अब विवाह की तैयारी; राजस्थान में पहली बार जेल में होगी 2 हत्यारों की शादी

Follow us

Share

Rajasthan Open Jail Marriage Permission : जोधपुर। राजस्थान के न्यायिक इतिहास में पहली बार किसी ओपन जेल परिसर के भीतर दो दोषियों की शादी होने जा रही है। जोधपुर के मंडोर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे युवक-युवती 22 जुलाई को फेरे लेंगे। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इसकी अनुमति दे दी है। युवक मूलाराम भाटी (33) नागौर का निवासी है, और वह हत्या के आरोप में जेल में बंद है। वहीं युवती का नाम सीमा (31) और वह मुंबई की रहने वाली है। सीमा अपने पति की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। दोनों उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। जेल में ही दोनों के बीच नदीकियां बढ़ीं और शादी का फैसला किया। जिसके बाद न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी एवं न्यायमूर्ति प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने यह ऐतिहासिक आदेश जारी किया।

दोनों ही जेल में है बंद

मूलाराम 16 जनवरी 2017 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। वर्तमान में वह मंडोर ओपन जेल में है। मूलाराम के अधिवक्ता कालूराम भाटी ने बताया कि वह सीमा से विवाह करना चाहता है। सीमा भी अपने पति की हत्या के मामले में दोषी साबित हो चुकी है, लेकिन वह अभी 40 दिन की पैरोल पर है। याचिका में कहा गया कि विवाह से दोनों के पुनर्वास और सुधार की प्रक्रिया को बल मिलेगा और वे भविष्य में सामान्य पारिवारिक जीवन जी सकेंगे। इस पर हाईकोर्ट ने पूर्व निर्णय का हवाला दिया, जिसमें बंदियों के वैवाहिक और संतानोत्पत्ति से संबंधित अधिकार को अनुच्छेद 21 के दायरे में माना गया था। भाटी के अनुसार विवाह 22 जुलाई को हो सकता है।

जेल में लिव-इन, सहमति से शादी होगी

जानकारी के अनुसार, नागौर जिले के अडसिंगा का रहने वाला मूलाराम करीब दो साल पहले अजमेर जेल से जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में शिफ्ट हुआ था। मुंबई की रहने वाली सीमा को करीब डेढ़ साल पहले महिला जेल से इसी ओपन जेल में भेजा गया था। ओपन जेल के नियमों के तहत दोनों वहां खेती का काम करते थे। रोज काम के दौरान दोनों का संपर्क हुआ, बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे यह नजदीकियां प्यार में बदल गईं। हाल ही में सीमा को 40 दिन की पैरोल (जमानत) मिली है, जिसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया।

Advertisement

हाईकोर्ट बोला- सुधार भी है जरूरी

सरकार की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में दोनों के विवाह की इच्छा और उनके बीच लिव-इन संबंध होने की पुष्टि की गई। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजकों ने भी कहा कि जेल नियमों के तहत ओपन जेल कैंप में विधि सम्मत विवाह करने पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि विवाह समाज की आधारभूत संस्था है और दोष सिद्ध बंदियों को भी सहमति से विवाह करने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

शादी का खर्चा उठाएगा मूलाराम

हाई कोर्ट की खंडपीठ ने निर्देश दिए कि विवाह समारोह में दोनों पक्षों के अधिकतम 21 सदस्य पंडित के साथ ओपन जेल कैंप में आ सकेंगे। अतिथियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय कैंप प्रशासन करेगा। विवाह की तिथि की पूर्व सूचना देनी होगी और समारोह का पूरा खर्चा मूलाराम स्वयं उठाएगा।

जेल में रहते सरपंच बना मूलाराम

मूलाराम नागौर के अडसिंगा का निवासी है। परिवार खेती करता था। उसके पिता का पड़ोसी से विवाद था। वर्ष 2017 में मूलाराम पड़ोसी युवक को बाइक पर बिठाकर ले गया था, लेकिन बाद में उसकी डेड बॉडी टांके से मिली थी। इसके लिए कोर्ट ने मूलाराम को हत्या का दोषी माना था। अगस्त 2023 अगस्त में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। दो साल से वह मंडोर में ओपन और जेल कैंप में सरपंच पद पर काम कर रहा है।

सीमा ने सोते हुए पति की काटी थी नसें

महाराष्ट्र में मुंबई के पास की है। वर्ष 2016 में उसकी शादी जोधपुर के घंटाघर निवासी कौशलराज अरोड़ा से हुई थी। मर्जी के खिलाफ हुई इस सीमा इस शादी से खुश नहीं थी। शादी के 2 महीने बाद ही सीमा ने सोते हुए पति की दोनों हाथ की नसें धारदार वस्तु से काट दी थीं। इससे कौशलराज की मौत हो गई थी। उसने चोर आने का बहाना बनाया, लेकिन कोर्ट में वर्ष 2019 में सीमा को उम्रकैद की सजा मिली थी।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।