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लखनऊ में मौत बनकर आई आग की लपटें; किसी की थी शादी, कोई घर का इकलौता बेटा…अग्निकांड में बुझ गए 15 घरों के चिराग

लखनऊ में मौत बनकर आई आग की लपटें; किसी की थी शादी, कोई घर का इकलौता बेटा…अग्निकांड में बुझ गए 15 घरों के चिराग

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Lucknow Coaching Fire News : लखनऊ। लखनऊ की कोचिंग में आग लगने की घटना में 15 घरों के चिराग बुझ गए। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं। कुछ गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे छात्र घायल हो गए। गंभीर रूप से झुलसे और घायल 9 छात्र-छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते हो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस आए और घटनास्थल का मुआयना किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी दिल्ली से लखनऊ पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और 7 दिन में रिपोर्ट मांगी है। शॉर्ट सर्किट और एसी का कंप्रेसर फटने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

अवैध थी इमारत, 10 साल पहले हुआ था गिराने का आदेश

जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अवैध पाई गई थी। इसे गिराने का आदेश 10 साल पहले साल 2016 में हुआ था, लेकिन दो महीने से भी कम समय में यह आदेश वापस ले लिया गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया- बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है। इसके बाद बिल्डिंग पर बुलडोजर चलेगा। बिल्डिंग रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर वीरेंद्र समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

LDA के 4 अधिकारी सस्पेंड

LDA के 4 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। बिल्डिंग को अनुमति देने वाले 16 अफसरों पर भी कार्रवाई हो सकती है। बिल्डिंग में फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं थी। इमरजेंसी में बाहर निकलने के लिए कोई अलग रास्ता नहीं था। हादसे के वक्त छत का दरवाजा भी बंद था, इसलिए लोग बाहर नहीं निकल पाए और दम घुटने से जान चली गई।

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चंद मिनटों में पूरी बिल्डिंग में फैली आग

लखनऊ के अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप है। पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक का वेयरहाउस है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। बिल्डिंग में मौजूद कई लोग विकराल हुई आग के बीच घिर गए। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए।

मृतकों में एमपी, हरियाणा और बंगाल के लोग

मरने वालों में मध्य प्रदेश, हरियाणा और बंगाल के लोग है। मृतकों की शिनाख्त सुखमनी (24), निवासी लखनऊ, आदित्य श्रीवास्तव (24), बिसवां, सीतापुर, मोहम्मद अम्मार (24) लेखपड़ा बाग, बाराबंकी, नीलेश (27), निवासी हजरतगंज, लखनऊ, अब्दुल रहमान (24), बिसवां, सीतापुर, संयम विज (27) कानपुर, शहजान सिद्दीकी (18) बीकेटी, लखनऊ, अनुक्षा (24), अवध शिल्पग्राम शांतिनगर, सागर (28), लखनऊ, ज्योति (26), निवासी लखनऊ, जैनिल (26), अनूपपुर भालुमुड़ा मध्य प्रदेश, सौमाल्या (24), निवासी पश्चिम बंगाल, भविष्य (23), हरियाणा, सूरज सिंह (27), कानपुर और पश्चिम बंगाल की अनामिका है। वहीं घायलों में जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार हैं।

दिसंबर में होने वाली थी नीलेश और अनामिका की शादी

हादसे में जान गंवाने वाले नीलेश और अनामिका की इसी साल दिसंबर में शादी होने वाली थी। वे दोनों एक साथ काम करते थे, लेकिन उनकी शादी से पहले मौत की खबर आई। अनामिका और नीलेश दोनों की मौत हो गई है। इस हादसे ने कई परिवारों की दुनिया खत्म कर दी है। हादसे में घर के इकलौते कमाने वाले अब्दुल रहमान ने भी दुनिया से अलविदा कह दिया। वे अपने घर में सिर्फ अकेले कमाने वाले थे. जिनकी मौत से परिवार संकट में आ गया है।

इकलौते बेटे की मौत पर मोर्चरी नहीं पहुंचे मां-बाप

इस हादसे में घर के इकलौते बेटे अब्दुल रहमान की भी मौत हुई। अब्दुल रहमान घर में अपने मां-बाप के साथ रहते थे। जो उनके दोस्त के मुताबिक वे आईटी टेक्नीशियन थे। लंबे समय तक नौकरी खोजने के बाद वे यहां काम कर रहे थे। उनकी मौत के वक्त उनकी मां और पिता की तबीयत खराब थी जिसकी वजह से वे दोनों पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भेजे गए शव को लेने के लिए नहीं पहुंच सके।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- कैसे लगी कोचिंग में आग?

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, ऑफिस का मुख्य गेट थंब इम्प्रेशन से खुलता था। आग फैलने के बाद गेट ऑटोमैटिक लॉक हो गया था। उसे खोलने में देरी हुई, जिसकी वजह से हादसा और गंभीर हो गया। हादसा सोमवार दोपहर 2:30 बजे अलीगंज इलाके में एसी में ब्लास्ट के कारण हुआ। 40 मिनट बाद फायर ब्रिगेड पहुंची और आग पर काबू पाया। SDRF-NDRF ने 7 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। दीवारें तोड़कर शवों को बाहर निकाला। मरने वालों में यूपी के 11 लोग हैं। इनमें लखनऊ के 8, कानपुर के 2 और बाराबंकी का 1 व्यक्ति शामिल है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के 2 और मध्य प्रदेश- हरियाणा के 1-1 लोगों की जान गई है।

अब तक का सबसे बड़ा अग्निकांड

लखनऊ में सोमवार को हुई यह घटना अबतक का सबसे बड़ा अग्निकांड है। जिसमें सबसे ज्यादा लोगों ने जान गंवाई है। इससे पहले राजधानी में एसएसजे इंटरनेशनल होटल, विराट होटल और होटल लेवाना सुइट्स में अग्निकांड की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं।

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