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केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, PM-राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, 21 जून को खत्म हुआ था राज्यसभा कार्यकाल

केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, PM-राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, 21 जून को खत्म हुआ था राज्यसभा कार्यकाल

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को केंद्रीय राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन से जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। हालांकि, इस्तीफे की वजह नहीं बताई गई है। वे अल्पसंख्यक कार्य, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका छह साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा ने जॉर्ज कुरियन को फिर से उम्मीदवार नहीं बनाया था। कुरियन केरल में भाजपा के सीनियर नेताओं में एक हैं। माना जा रहा है कि हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने की वजह से उन्हें फिर से मौका नहीं मिला।

मध्य प्रदेश से पहुंचे थे राज्यसभा

जॉर्ज कुरियन मूल रूप से केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले हैं। वे मध्य प्रदेश से अगस्त 2024 में राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे। 65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन जून 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल वाले मंत्रिमंडल का हिस्सा थे। इससे पहले वे मार्च 2017 से मार्च 2020 तक राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष रहे। वह भाजपा के उन पुराने और अनुभवी नेताओं में शामिल हैं, जो 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से ही इसके सदस्य रहे हैं। राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ उन्होंने भारत के सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर भी काम किया है।

जॉर्ज कुरियन राजनीतिक करियर

जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले में हुआ था। उन्होंने अपने गृहनगर से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद कानून (Law) में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। वह कानून के अच्छे जानकार हैं। राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें दोबारा सदन के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया गया था। माना जा रहा है कि केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने की वजह से उन्हें फिर से मौका नहीं मिला।

पीएम और गृह मंत्री के भाषणों को ट्रांसलेट करते थे कुरियन

कुरियन केरल के प्रमुख ईसाई संप्रदाय सीरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से आते हैं। वे टीवी डिबेट्स में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं। कुरियन केरल दौरों के दौरान पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों का मलयालम में ट्रांसलेशन भी करते रहे हैं। 2024 में मोदी 3.0 सरकार में उनकी नियुक्ति को केरल में ईसाई समुदाय के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा गया था। हालांकि, मई 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में 140 में से BJP को सिर्फ 3 सीटों पर जीत मिली थी।

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कुरियन से पहले दक्षिण भारत में अन्नामलाई भी दे चुके इस्तीफा

जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे से पहले भाजपा को दक्षिण भारत में एक और बड़ा झटका लगा था। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल के. अन्नामलाई ने 2 जून को पार्टी से इस्तीफा दिया। 5 जून का इस्तीफा मंजूर हुआ, तो अन्नामलाई ने अपने नए ‘पॉलिटिकल मूवमेंट’ का ऐलान कर दिया। वे 14 सितंबर को अपनी नई पार्टी के नाम, नीति और संगठन की घोषणा करेंगे। उनकी पार्टी 2031 में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अन्नामलाई पूर्व IPS अधिकारी हैं। भाजपा ने उन्हें तमिलनाडु में अपना सबसे बड़ा चेहरा बनाकर आगे बढ़ाया था।

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