मसीहा बनते हो
मसीहा बनते हो तुम्हारा प्यार बारिश की तरह बरसाओ बहुत उमस है जहां हो यहां चले आ ओ कितना आसां... Read more Read More
मसीहा बनते हो तुम्हारा प्यार बारिश की तरह बरसाओ बहुत उमस है जहां हो यहां चले आ ओ कितना आसां... Read more Read More
अदब हमको सिखाते हैं ये जो उस्ताद होते हैं जहां में नामवर इनके ही दम ईजाद होते हैं अदब... Read more
आप की दुआओं का एहसान चाहिए ज़िन्दा हूं और ज़िन्दा ही इन्सान चाहिए यूं मुफलिसी में जीना जीना तो नहीं... Read more
24 मई को दुबई में आयोजित कार्यक्रम में अमेरिका की सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी ने प्रसिद्ध इतिहासकार, पत्रकार और शायर मीर आज़म अली जैदी को "लीडर्स 2025" के अंतर्गत डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया। उर्दू भाषा, इतिहास और पत्रकारिता में उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
हज़ार कर पहले तो प्यार कर फिर तू एतबार कर बे रंग ज़िन्दगी में रंगों से प्यार कर करने की ... Read more
फासलों के बाद भी हम में ये क़ुरबत , है तो है लोग कहते हैं मोहब्बत को बगावत, है तो... Read more
गुलाब आज भी सबको हसीन लगता है पुराना दोस्त पुराना सा कमीन लगता है बदलता कुछ भी नहीं इल्म ओर... Read more
ख्यालों की तपिश हवस इतनी सी के चूम लूं सुलगती हुई आंखें तुम्हारे साथ पल इतना भी मिल जाए तो... Read more
मेरी कोशिशें दिखती नहीं है किन आलमों की मख़लूक हो तुम फितरत ज़रा भी बदलती नहीं है मेरी प्यास देखो बढ़ी जा रही है उमर के तक़ाज़ों से रुकती नहीं है कहानी तो होती है सबकी मगर रिसालों में सबकी छपती नहीं है बदलती है निय्यत हर पल यहां नक़ाबों के पीछे से दिखती... Read more
छुड़ा कर अपनी अंगुली को बताना चाहता है वो तलाशे ज़िन्दगी में उसको भी ज़ोहर दिखाना है सनम खाने... Read more