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ग़ज़ल

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मसीहा बनते हो तुम्हारा प्यार बारिश  की तरह बरसाओ बहुत उमस है जहां हो यहां चले आ ओ कितना आसां... Read more Read More

बियाबान चाहिए

आप  की  दुआओं  का  एहसान  चाहिए ज़िन्दा  हूं और ज़िन्दा  ही इन्सान चाहिए यूं  मुफलिसी में जीना  जीना तो  नहीं... Read more

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मीर आज़म अली जैदी को मिला अमेरिका की यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट सम्मान

24 मई को दुबई में आयोजित कार्यक्रम में अमेरिका की सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी ने प्रसिद्ध इतिहासकार, पत्रकार और शायर मीर आज़म अली जैदी को "लीडर्स 2025" के अंतर्गत डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया। उर्दू भाषा, इतिहास और पत्रकारिता में उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

ग़ज़ल

Jaipur

हज़ार कर पहले  तो प्यार कर  फिर तू  एतबार  कर बे  रंग   ज़िन्दगी   में  रंगों  से   प्यार  कर करने  की ... Read more

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ग़ज़ल

Jaipur

गुलाब  आज  भी सबको  हसीन  लगता है पुराना  दोस्त  पुराना  सा   कमीन लगता है बदलता  कुछ  भी नहीं  इल्म ओर... Read more

ख्यालों की तपिश

Jaipur

ख्यालों की तपिश हवस  इतनी  सी  के चूम  लूं  सुलगती हुई  आंखें तुम्हारे साथ पल इतना भी मिल जाए तो... Read more

ग़ज़ल

Jaipur

मेरी कोशिशें दिखती नहीं है   किन आलमों  की  मख़लूक  हो तुम फितरत  ज़रा  भी  बदलती  नहीं  है मेरी  प्यास  देखो  बढ़ी  जा  रही  है उमर  के  तक़ाज़ों  से रुकती नहीं है कहानी  तो  होती   है  सबकी  मगर रिसालों  में  सबकी  छपती  नहीं  है बदलती   है  निय्यत  हर  पल   यहां नक़ाबों  के  पीछे  से दिखती... Read more

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बहिश्त का ख़ज़ाना है

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  छुड़ा कर अपनी अंगुली  को बताना चाहता है वो तलाशे ज़िन्दगी  में  उसको भी  ज़ोहर दिखाना है सनम खाने... Read more

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