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धार्मिक

Jaipur

यह लेख हमें याद दिलाता है कि मौत एक हकीकत है, जिससे कोई नहीं बच सकता। इंसान दुनिया के मामूली सफ़र के लिए तैयारी करता है, लेकिन आख़िरत के सफ़र के लिए ग़ाफ़िल रहता है। हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि "मौत को कसरत से याद करो", क्योंकि यही याद इंसान को गुनाहों से रोकती है और नेकियों की तरफ़ ले जाती है। जब आख़िरत की फ़िक्र दिल… Read More

नाई की थड़ी के उलेमाओं की जवाहर एकेडमी में हुई अहम मीटिंग

जयपुर

जयपुर के नाई की थड़ी स्थित जवाहर एकेडमी में मस्जिदों के इमामों की अहम मीटिंग हुई। इस बैठक में नशे की लत से ग्रसित युवाओं के खिलाफ सख्ती, वोटर जागरूकता और हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द बढ़ाने पर जोर दिया गया। मीटिंग की शुरुआत क़ुरान की तिलावत से हुई और समापन दुआ के साथ हुआ।

आमेर रोड़ दशहरा कोठी पर रावण का दहन

जयपुर

जयपुर में आमेर रोड दशहरा कोठी पर भव्य रावण दहन समारोह आयोजित हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शोभायात्राएं शामिल रहीं। विधायक बालमुकुंदाचार्य ने हिस्सा लिया और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।

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हज खिदमतगार साजिद कागजी के इन्तकाल में उमडा जन सैलाब

जयपुर

राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी के नायब सदर जावेद कागजी ने साजिद कागजी को जिम्मेदार, मेहनती और समाजसेवी बताते हुए उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। साजिद कागजी हर साल हाजियों की बेहतरीन खिदमत करते थे और समाज सेवा में अग्रणी रहे। उनके जनाजे में सैकड़ों लोग सहभागी हुए और घरवालों को सब्र की दुआ दी गई। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी परिवार को सांत्वना दी।

मुफ्ती-ए-आजम राजस्थान के उर्स की तेयारियों को लेकर बैठक आयोजित

जोधपुर

जोधपुर में हजरत मुफ्ती आजम राजस्थान का 12वां उर्स 12 अक्टूबर को चोखा दरगाह में आयोजित किया जाएगा। इस बार उर्स में देश भर से कई ओलमा और मुरीद शिरकत करेंगे।

कोई ख़ुशी कामिल नहीं

Jaipur

दौलत और ऐशो-आराम के बावजूद इंसान को कामिल यानी मुकम्मल ख़ुशी नहीं मिलती। असल सुकून माल-ओ-दौलत में नहीं बल्कि दिल के इत्मीनान और रज़ा में है। दुनिया की हर ख़ुशी किसी ग़म के साये में है और हर ग़म के साथ किसी ख़ुशी की किरण छिपी है।

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हुक़ूक़ुल्लाह और हुक़ूक़ुल इबाद

Jaipur

इस लेख में बताया गया है कि इस्लाम में इल्म हासिल करना और सवाल करना कितना ज़रूरी है। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने फ़रमाया कि जहालत का इलाज सवाल है। आगे चलकर “हुक़ूक़ुल्लाह” और “हुक़ूक़ुल इबाद” के मानी समझाए गए हैं — यानी अल्लाह के हक़ और इंसानों के हक़। उलेमा के मुताबिक़ दोनों ही अहम हैं, लेकिन जब दोनों आमने-सामने हों, तो बंदों के हक़ (हुक़ूक़ुल इबाद) की अदायगी को…

जदीद चीज़ों का इस्तेमाल जाइज़ है।

Jaipur

शरीअत ने इंसान की ज़रूरतों और ज़माने की तब्दीलियों को देखते हुए आसानी पैदा की है। जो चीज़ें पैग़म्बर ﷺ के दौर में नहीं थीं, लेकिन आज ज़रूरी हैं, उनका इस्तेमाल हराम नहीं, बल्कि जाइज़ है। बशर्ते कोई उन्हें दीन या सुन्नत का हिस्सा न बनाए। इस्लाम तंगदिली नहीं बल्कि सहूलियत और इंसानियत का मज़हब है।

आदर्श नगर में जलेगा 120 फीट का रावण, 90 फीट का मेघनाथ  

जयपुर

जयपुर में आदर्श नगर दशहरा मैदान में इस बार 2 अक्टूबर को रात्रि 9 बजे रावण और मेघनाथ का भव्य महादहन किया जाएगा। 120 फीट ऊंचा रावण और 90 फीट ऊंचा मेघनाथ पुतला 10 कारीगरों की मेहनत से तैयार हुआ है, जिसमें 15 लाख रुपये की लागत आई। नगर निगम और आयोजकों ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतज़ाम किए हैं। यह आयोजन परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम…

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सूफी मुंशी बुर्रहान उल्ला का 3 दिवसीय 22 वा उर्स 3  अक्टूबर से

मनोहरपुर

सूफी मुंशी बुर्रहान उल्ला का 22वां वार्षिक उर्स 3 अक्टूबर शुक्रवार से मनोहरपुर में शुरू होगा। उर्स का आयोजन 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें कुरान ख्वानी, मिलादुन्नबी, चद्दर फातेहा और कव्वाल पार्टियों के साथ अंत में कूल व लंगर शामिल हैं।

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