मौत को कसरत से याद करो
यह लेख हमें याद दिलाता है कि मौत एक हकीकत है, जिससे कोई नहीं बच सकता। इंसान दुनिया के मामूली सफ़र के लिए तैयारी करता है, लेकिन आख़िरत के सफ़र के लिए ग़ाफ़िल रहता है। हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि "मौत को कसरत से याद करो", क्योंकि यही याद इंसान को गुनाहों से रोकती है और नेकियों की तरफ़ ले जाती है। जब आख़िरत की फ़िक्र दिल… Read More
