मोहर्रम की दस तारीख की अहमियत
मोहर्रम की दस तारीख को यौमे आशूरा कहा जाता है। मोहर्रम हिजरी कैलेंडर का पहला महीना है। इसी महीने से... Read more Read More
मोहर्रम की दस तारीख को यौमे आशूरा कहा जाता है। मोहर्रम हिजरी कैलेंडर का पहला महीना है। इसी महीने से... Read more Read More
चूरू में मोहर्रम के जुलूस के दौरान भाई जी चौक सब्जी मंडी पर एक ही समुदाय के युवाओं में झगड़ा हो गया। झगड़े में 17 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब ताजियों को नेताओं द्वारा सम्मानित किया जा रहा था। घटना के बाद युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। शहर में दहशत का माहौल है, पुलिस ने…
पाली में रविवार को मुस्लिम समाज ने मोहर्रम का जुलूस अकीदत और मातमी माहौल में निकाला। ढोल-नगाड़ों और मातमी धुनों के साथ ताजिए निकाले गए और मस्जिदों में नमाज, तकरीर और कुरान तिलावत कर शहीदाने कर्बला को याद किया गया। अखाड़ों ने तलवारबाजी, डंडा पट्टा और शमशीर के करतब दिखाए। रास्ते में हिन्दू-मुस्लिम सभी ने जुलूस का सम्मान किया और मोहर्रम पर फूल, माला व नजराना पेश कर दुआ मांगी।…
योमे आशूरा पर रविवार को बारां में हज़रत ईमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मातमी धुनों के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। इमामबाड़ों से निकले ताजिए विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला मैदान पहुंचे, जहां श्रद्धा के साथ ताजियों को ठंडा किया गया। अंजुमन ने ताजिया कमेटियों और अखाड़ेबाजों का इस्तकबाल किया। पुलिस-प्रशासन ने शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाए रखी।
मोहर्रम की 9 तारीख पर बारां में बाबा फूल पीर दरगाह से चादर का जुलूस निकाला गया। रास्ते में युवाओं ने अखाड़ा खेलकर करतब दिखाए और बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
बारां में यौमे आशुरा के दिन सलीम भाई शटर वालों ने मेला ग्राउंड मार्ग पर छबील लगाकर राहगीरों और ताजिया लेकर आने वाले जायरीनों को ठंडा शर्बत पिलाया। वह हर साल 10 मोहर्रम को यह सेवा करते हैं। इस दौरान उनके साथ मुन्ना अली, मोहम्मद हकीम, सोनू खान, मोनू खान और अदनान पठान दिनभर सेवा में लगे रहे।
सुकेत कस्बे में मोहर्रम पर 10 तारीख को ढोल-नगाड़ों और करतबों के साथ जुलूस निकाला गया। कांग्रेस नगर अध्यक्ष अब्दुल रऊफ सर और इस्लाम भाई ने कांग्रेस जनों व बुजुर्गों का साफा बांधकर और माला पहनाकर स्वागत किया। जुलूस जामा मस्जिद से होकर लंका तराई होते हुए आऊ नदी तक पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। लाइट दोपहर ढाई बजे से रात 9 बजे तक बंद…
झालावाड़ सहित अकलेरा, डग, खानपुर में मोहर्रम की याद में या अली या हुसैन की सदाओं के बीच 45 से अधिक ताजिए निकाले गए। हुसैनी सोसाइटी की ओर से अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब दिखाए गए, शरबत और तबर्रुक तक्सीम हुआ। चूड़ी वालों की मस्जिद में रोज़ेदारों के लिए इफ्तार का इंतजाम किया गया। पुलिस की निगरानी में ताजिए मल मोहल्ला से कर्बला तक रवाना हुए और रात में नदी पर…
चौमू में मुहर्रम की कत्ल की रात पर इमाम हुसैन की याद में अकीदतमंदों ने बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ जुलूस निकाला। ढोल-ताशों की मातमी धुन और या अली, या हुसैन की सदाओं से शहर गूंज उठा। जगह-जगह मरसिये पढ़े गए, छबीलें लगाकर शरबत बांटा गया। जुलूस इमाम चौक से रवाना होकर करबला चौमू तक पहुंचा और सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। जुलूस…
सवाई माधोपुर में मोहर्रम का पर्व गम और अकीदत के साथ मनाया गया। पुराने शहर में पारंपरिक ताज़िए और जुलूस निकाले गए, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। लोगों ने “या हुसैन” की सदाओं के बीच मातम कर कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों की दी गई शहादत को याद किया। विभिन्न मोहल्लों में अखाड़े आयोजित कर युवाओं ने बहादुरी और शारीरिक करतब दिखाए। छबील लगाकर लोगों को…