शहर में मातमी धुनों के साथ निकाले गए ताजिये
अंजुमन ने किया सभी ताजिया कमेटी के पटेलों का स्वागत
बारां.(रॉयल पत्रिका)। इस्लाम के आखरी पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे हज़रत ईमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की याद में 10 मोहर्रम योमे आशूरा के दिन रविवार 6 जुलाई दोपहर को मातमी धुनों के साथ ताजिये निकाले गए। वही शहर में कई लोगों ने योमे आशूरा के दिन रोजा रखकर दिन भर इबादत की। और अपने गुनाहों से तौबा की। रविवार दोपहर को शहर के अलग-अलग इमामबाड़ों से ताजियों का मुकाम उठ कर अपने-अपने मार्ग से होते हुए अखाड़ों के उस्ताद व पहलवान हैरतंगेज करतब दिखाते हुए मस्जिद बारां भाई, तालाब पाड़ा, सदर बाजार, छोटा सर्राफा बाजार में होते हुए दरगाह बाबा मर्दान गैब साहब पर पहुंचे। यहां से सभी ताजिये क्रमानुसार सब्ज़ी मंडी की टेक होते हुए प्रताप चोक से धर्मादा चौराहा, अंजुमन चौराहा होते हुए मेला ग्राउंड स्थित कर्बला मैदान पहुंचे जहां पर कर्बला में सभी ताजियों को ठंडा करने के लिए पहले से ही वाहनों की व्यवस्था पंचायतों द्वारा की गई थी। रास्ते मे जगह-जगह छबीले लगाकर, शर्बत पिलाकर स्वागत भी किया गया। अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब देखकर भारी भीड़ जुटी रही। अंजुमन चौराहे पर पहुंचने पर अंजुमन सदर माजिद सलीम के नेतृत्व में ताजिया कमेटी के पटेलों व अखाड़ेबाजों का माला पहनाकर साफा बांधकर इस्तकबाल किया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्था बनाए रखी। पूरे रास्ते पुलिस प्रशाशन चुस्त नजर आया। कर्बला में ताजिए पहुंचने पर सभी पंचायतों ने पुलिस प्रशाशन का आभार प्रकट किया।
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