संवैधानिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कम क्यों हो रहा है ?
भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास उसकी लोकतांत्रिक मजबूती का प्रतीक होता है। लेकिन हाल के वर्षों में यह विश्वास डगमगाता दिखाई दे रहा है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल, न्यायपालिका के फैसलों पर जनसंदेह, ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों की कार्रवाई पर पक्षपात के आरोप आम हो गए हैं। आधार कार्ड को पहचान पत्र मानने से इनकार, मतदाता सूची की जाँच के नाम… Read More
