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मानसून को लेकर बुरी खबर! देश के 10 राज्यों में कम बारिश की आशंका, राजस्थान में पारा बढ़ा

मानसून को लेकर बुरी खबर! देश के 10 राज्यों में कम बारिश की आशंका, राजस्थान में पारा बढ़ा

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IMD Weather Update In India : नई दिल्ली/जयपुर। देश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। इसके बाद भी मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित देश के 10 राज्यों में अगले 5 दिन कम बारिश होने की संभावना है। ऐसा इसलिए, क्योंकि देश के करीब 70 फीसदी हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं। नई सैटेलाइट तस्वीरों में बादल पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों की तरफ चले गए हैं। यही वजह है कि इन राज्यों में भारी बारिश हो रही है। शनिवार को कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। दोनों राज्यों में लैंडस्लाइड की वजह से कुल 440 सड़कें बंद हो गईं। वहीं जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में 60 मिनट में बादल फटने की दो घटनाएं हुई है। शनिवार की रात यहां एक बादल फटा है। पहलगाम और शांगस इलाके में बाढ़ आ गई है। यहां होटलों और घरों में पानी घुस गया है। जिससे पर्यटन भी प्रभावित हुआ है।

उत्तराखंड-हिमाचल में भारी बारिश

मौसम विभाग ने उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मनाली, धर्मशाला, शिमला, सोलन, मंडी में बारिश की संभावना है। ऐसे में यहां लोगों और पर्यटकों को सर्तकता बरतने की सलाह दी गई है। क्योंकि हिमाचल में भूस्खलन भी जगह-जगह हुआ है। वहीं शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और मेघालय में बहुत ज्यादा बारिश हुई। पहाड़ों पर हो रही बारिश से मैदानी इलाकों में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। वहीं मानसून के कमजोर होने से मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ़ गया। मानसून आने के बाद भी राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम कमजोर पड़ा

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, देश के 70 फीसदी हिस्से से मानसून के बादल गायब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पड़ना है। 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं। फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है। IMD का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना कम है।

यूपी में चार दिन तक मानसून सुस्त

यूपी में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। शनिवार देर रात गोरखपुर, गोंडा, बहराइच, देवरिया समेत 5 शहरों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने रविवार को 33 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश की वजह से यूपी में नदी-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यूपी में फिलहाल मानसून के कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों की अच्छी बारिश के बाद अब मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर कमजोर होगा और फिलहाल सक्रियता मुख्य रूप से पूर्वी- तराई जिलों तक सीमित रहेगी। इसे देखते हुए रविवार के लिए पूर्वी तराई के 13 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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राजस्थान में फिलहाल मानसून रहेगा कमजोर

राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है और अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना काफी कम दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी रहेंगी। हालांकि प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने के बाद भी शनिवार को कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग की तरफ से कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश चूरू के सादुलपुर में हुई। यहां 2 इंच से ज्यादा पानी बरसा। मानसून के कमजोर और बादलों के गायब होने से गर्मी-उमस बढ़ गई। शनिवार को श्रीगंगानगर देश का सबसे गर्म जिला रहा। यहां दिन का तापमान 42 डिग्री के करीब रहा। जयपुर मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार 17 से 18 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र बनने के संकेत हैं। अगर यह सिस्टम मजबूत होता है तो 20 जुलाई के बाद मध्य प्रदेश के रास्ते राजस्थान में नमी बढ़ेगी और 21 से 23 जुलाई के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। 23 और 24 जुलाई के आसपास एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई जा रही है।

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