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हिंडौन में कीचड़ में फंसी स्कूल बस, बड़ा हादसा टला; बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

हिंडौन में कीचड़ में फंसी स्कूल बस, बड़ा हादसा टला; बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

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Hindaun City School Bus Stuck Mud : हिंडौन सिटी/रॉयल पत्रिका। राजस्थान के हिंडौन सिटी में बारिश के बाद खराब सड़क व्यवस्था एक बार फिर लोगों की चिंता का कारण बन गई। गुरुवार को बाजना रोड स्थित गुरुकुल स्कूल से आगे भारत टेंट हाउस से बयाना रोड जाने वाले मार्ग पर एक स्कूल बस गहरे कीचड़ में फंस गई। बस में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे सवार थे। सड़क पर कीचड़ और पानी भरने के कारण बस एक तरफ झुक गई, जिससे कुछ समय के लिए उसके पलटने की आशंका बन गई। हालांकि स्थानीय लोगों की मदद और चालक की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।

घटना के दौरान बस में बैठे बच्चों में डर का माहौल बन गया। कई बच्चे घबरा गए और सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्चों को संभाला और बस को सुरक्षित निकालने के प्रयास शुरू किए। कुछ देर बाद बस को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।

बारिश के बाद सड़क बनी दलदल

बताया जा रहा है कि भारत टेंट हाउस से बयाना रोड तक का हिस्सा लंबे समय से खराब स्थिति में है। हल्की बारिश के बाद भी सड़क पर पानी भर जाता है और कीचड़ फैल जाता है। गुरुवार को भी यही स्थिति बनी रही, जिसके कारण स्कूल बस बीच रास्ते में फंस गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि रोजाना छोटे-बड़े वाहन यहां फंसते रहते हैं। कई जगह सड़क टूट चुकी है और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है।

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बच्चों में मची अफरा-तफरी

बस के झुकते ही बच्चों में डर फैल गया। कुछ बच्चे रोने लगे, जबकि कई बच्चे बस से उतरकर सुरक्षित स्थान की ओर चले गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चों को शांत कराया और सुरक्षित बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि बस थोड़ी और झुक जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। समय रहते लोगों ने मदद की, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस सड़क की खराब हालत के बारे में कई बार संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। लोगों के अनुसार, उपखंड अधिकारी, लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर परिषद को पहले भी ज्ञापन देकर सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की गई थी। लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।

रोजाना होती है परेशानी

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना स्कूल बसें, ट्रैक्टर, दोपहिया वाहन और अन्य वाहन गुजरते हैं। बारिश के मौसम में यह रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। कई बार वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं, जिससे घंटों तक यातायात प्रभावित रहता है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार कार्य नहीं हुआ तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

सड़क और नालियों की सफाई की मांग

नागरिकों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के साथ-साथ जल निकासी की व्यवस्था भी मजबूत की जानी चाहिए। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है और पूरी सड़क दलदल में बदल जाती है। यदि समय रहते नालियों की सफाई और सड़क का निर्माण हो जाता, तो स्कूल बस के फंसने जैसी स्थिति नहीं बनती।

बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता

इस घटना ने स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाना प्रशासन की भी जिम्मेदारी है। यदि सड़कें ही सुरक्षित नहीं होंगी तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल मार्गों की नियमित जांच और समय पर मरम्मत बेहद जरूरी है। जहां रोजाना बच्चों का आवागमन होता है, वहां खराब सड़कें किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और नालियों की सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्कूल बस के सुरक्षित निकल जाने से इस बार बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया है कि क्षेत्र की सड़क व्यवस्था में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों को जल्द प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

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