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मानसून की सुस्त पड़ी रफ्तार, सूखा बीत रहा जून का महीना, शुरुआती 20 दिनों में इतनी फीसदी हुई बारिश

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नई दिल्ली/जयपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में एंट्री ली थी। इसके बाद मानसून की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई। जून में कई इलाकों में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान था, लेकिन स्थिति इसके विपरीत बनी हुई है। मानसून महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्से में ही अटक गया है। आईएमडी के अनुसार, 1 से 21 जून तक देशभर में 41 फीसदी कम बारिश हुई है। इस दौरान 92.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि महज 57.4 मिमी बारिश हुई। इससे पहले 2009 में पूरे जून में कोटे से 49% कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी। मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून की बारिश के रिकॉर्ड के 126 साल के इतिहास में दूसरा सबसे सूखा जून बीत रहा है। इससे मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में खेती पर बुरा असर पड़ा था। कम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ाकर रख दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून को लेकर नया अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून दो हफ्ते बाद अब आगे बढ़ सकता है। बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम बना है, जो मानसून को छत्तीसगढ़ तक पहुंचाएगा। इसके बाद से सुस्त पड़े मानसून को रफ्तार मिल सकती है। जिसके बाद कई राज्यों में मानसून की एंट्री होगी।

किस राज्य में कितनी बारिश हुई

मौसम विभाग के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। असम व मेघालय में 55 प्रतिशत, झारखंड में 68 फीसदी, पूर्वी मध्य प्रदेश में 64 फीसदी, गुजरात में 55 फीसदी, सौराष्ट्र और कच्छ में 91 फीसदी, कोंकण और गोवा में 55 फीसदी, मध्य महाराष्ट्र में 52 फीसदी, मराठवाड़ा में 69 फीसदी, विदर्भ में 79 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 64 फीसदी और तटीय कर्नाटक में 51 फीसदी कम बारिश हुई है।

महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में नहीं बढ़ पा रहा मानसून

पिछले कुछ दिनों से मानसून महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में आगे नहीं बढ़ पाया है। कोंकण और मध्य महाराष्ट्र जैसे इलाकों में मॉनसून कई दिनों से अटका हुआ है। पूर्वानुमान के अनुसार, 23 जून के आसपास मॉनसून आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में पहुंच सकता है।

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मेघायल में हुई भारी बारिश

रविवार को मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। खासी हिल्स जिले के मॉसिनराम में 24 घंटे में 530 मिमी बारिश दर्ज की गई। यानी एक रात में यहां जितनी बारिश हुई, उतनी जोधपुर-बीकानेर में 6 महीने में होती है। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में रविवार को ओले गिरे। इसके अलावा मुंबई के कई इलाकों में रविवार सुबह हल्की बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।

राजस्थान में प्री-मानसून जारी

राजस्थान में प्री-मानसून का दौर जारी है। यहां प्रदेश के कई इलाकों में रविवार को बारिश हुई। बीकानेर संभाग के अलावा पूर्वी राजस्थान के जयपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में सुबह से लेकर देर शाम तक अच्छी बरसात हुई। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, जयपुर और कोटा समेत कई जिलों में 10 से 30 मिलीमीटर (मिमी) तक बारिश दर्ज की गई। इस दौरान श्रीगंगानगर जिले में बारिश के साथ ओले भी गिरे। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 17 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है।

MP के इन जिलों में हीटवेव का अलर्ट

मध्य प्रदेश में 26 जून तक हीटवेव (लू), गर्मी और आंधी-बारिश वाला मौसम रहेगा। मानसून के नहीं आने और प्री-मानसून की एक्टिविटी कम होने से उमस-गर्मी बढ़ी है। पिछले 2 दिन से जबलपुर संभाग में लू का असर भी है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।

यूपी के 38 शहरों में हीटवेव का अलर्ट

उत्तप्रदेश में मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। मानसून के लेट होने से प्रदेश के ज्यादातर शहरों में गर्मी बढ़ गई है। पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में हीटवेव (लू) और 5 जिलों मऊ, चंदौली, बलिया, गाजीपुर और सोनभद्र में बारिश का अलर्ट है।

जानें किस राज्य में कब पहुंचेगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार तक मानसून सक्रिय रूप से पहुंच चुका है, लेकिन कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं होने के चलते आगे नहीं बढ़ रहा है। हालांकि पूर्वानुमान के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून एक-दो दिन में प्रवेश कर सकता है। वहीं मानसून के दक्षिणी महाराष्ट्र से आगे बढ़कर मुंबई तक जून के अंत तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा राजस्थान में 22 जून के बाद आगे बढ़ने के आसार है। मध्य प्रदेश में 25 जून तक मानसून के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इधर, बिहार और झारखंड 23 जून के बाद आगे बढ़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की एंट्री 25 से 30 जून के बीच होने की संभावना है। वहीं दिल्ली में जुलाई के पहले सप्ताह तक दस्तक देने का अनुमान है।

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