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NEET-UG 2026 का परिणाम जारी; दो छात्रों के 720 में 715 अंक, कैसे आर्यन बने AIR-1 और पंशुल को मिली AIR-2 रैंक

NEET-UG 2026 का परिणाम जारी; दो छात्रों के 720 में 715 अंक, कैसे आर्यन बने AIR-1 और पंशुल को मिली AIR-2 रैंक

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NEET UG 2026 Result Declared : नई दिल्ली/जयपुर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET UG 2026) का परिणाम गुरुवार देर रात घोषित हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने रिजल्ट जारी किया है। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल 720 में से 715 अंकों के साथ ऑल इंडिया टॉपर बने। 19 स्टूडेंट्स ने 700 से ज्यादा, जबकि 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक हासिल किए। इस बार के परिणामों में एक बार फिर कोटा के कोचिंग संस्थानों का दबदबा देखने को मिला। यहां टॉप-10 में चार छात्रों ने जगह बनाई है।

आर्यन गुप्ता बने AIR-1, पांशुल बंसल को मिली AIR-2

देर रात जारी परिणामों के अनुसार आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल दोनों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए। हालांकि, टाई-ब्रेकर नियम के आधार पर आर्यन गुप्ता को ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) और पांशुल बंसल को ऑल इंडिया रैंक-2 (AIR-2) घोषित किया गया। वहीं आयुष भालोटिया ने 710 अंक के साथ AIR-4 और गौरव सिंह ने AIR-9 हासिल की। एनटीए ने 690 या उससे अधिक अंक पाने वाले टॉप-138 अभ्यर्थियों की सूची भी जारी की है।

बचपन से था डॉक्टर बनने का सपना

हरियाणा के फरीदाबाद निवासी पांशुल बंसल ने बताया कि उनका लक्ष्य शुरू से ही डॉक्टर बनना था। उन्होंने 10वीं और 12वीं दोनों में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके अलावा जेईई मेन 2026 में भी उन्होंने 99.5 पर्सेंटाइल स्कोर किया था।

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परिजनों ने कभी नहीं बनाया दबाव

पांशुल बंसल के पिता ने नेवल इंजीनियरिंग की है और वर्तमान में बिजनेसमैन हैं, जबकि उनकी मां मोनिका कंपनी सेक्रेटरी हैं। एक करियर इंस्टीट्यूट में दो साल तक रेगुलर क्लासरूम के छात्र रहे पांशुल बंसल ने बताया कि उनके माता-पिता ने कभी करियर को लेकर दबाव नहीं बनाया।

छोटी उम्र में तय किया लक्ष्य

पांशुल बंसल ने कहा कि 10वीं के बाद उनके सामने कई विकल्प थे, यहां तक कि वे आर्ट्स भी चुन सकते थे। लेकिन उन्हें शुरू से ही बायोलॉजी में रुचि थी। उन्होंने 7वीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि उन्हें साइंस लेकर डॉक्टर बनना है। उनका मानना है कि कम उम्र में लक्ष्य तय करने से उसी दिशा में सोच विकसित होती है, जिससे फाउंडेशन और कॉन्सेप्ट मजबूत होते हैं और लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाता है।

नीट-यूजी 2026 में इस बार टॉप स्कोरर्स में 93 फीसदी से ज्यादा स्टूडेंट्स ने पहली बार परीक्षा दी थी। 99 फीसदी टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच रही। क्वालिफाई करने वाले कुल उम्मीदवारों में 58 फीसदी से ज्यादा छात्राएं और 55.1 फीसदी छात्र हैं। स्टूडेंट्स अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं।

पेपर लीक के कारण दोबारा हुई थी NEET परीक्षा

पेपर लीक के आरोपों के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी। NTA ने इस साल परीक्षा के मूल्यांकन प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया था। पहली बार मूल्यांकन के सभी चरण एक के बाद एक के बजाय समानांतर तरीके से पूरे किए। इससे तय समय पर रिजल्ट जारी किया जा सका। वहीं, पहली बार OMR शीट चैलेंज की प्रक्रिया को आंसर-की जारी करने की प्रक्रिया से अलग रखा गया।

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