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17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय…कौन है ये 23 लोग? मोदी सरकार ने घोषित किए आतंकी, जानें इनका पूरा इतिहास?

17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय…कौन है ये 23 लोग? मोदी सरकार ने घोषित किए आतंकी, जानें इनका पूरा इतिहास?

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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने शनिवार को 23 लोगों को आतंकी घोषित किया है। सरकार का कहना है कि ये सभी जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) और जमात-उद-दावा (JuD) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। सरकार के मुताबिक ये लोग आतंकियों की भर्ती, भारत में घुसपैठ, आतंकी हमलों की साजिश, आतंक के लिए पैसे जुटाने, हथियार पहुंचाने और अन्य मदद करने में शामिल रहे हैं। घोषित 23 आतंकियों में 6 जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी हैं, जबकि 17 पाकिस्तान के रहने वाले हैं। इनमें 7 पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) और 10 पाकिस्तान में रह रहे हैं। इन 23 नामों के जुड़ने के बाद सरकार की तरफ से घोषित आतंकियों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।

कुछ आतंकी नगरोटा आर्मी कैंप हमला और सुनजवां हमले से जुड़े

सरकार ने जिन जैश आतंकियों को लिस्ट में शामिल किया है। उनमें कुछ 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप हमले और 2022 के सुनजवां हमले से जुड़े बताए जा रहे हैं। बता दें कि 29 नवंबर 2016 को जम्मू के नगरोटा आर्मी कैंप पर सेना की वर्दी पहनकर आए तीन आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में 7 जवान शहीद हुए थे, जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए। जांच एजेंसियों ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ बताया था।

इसके बाद 22 अप्रैल 2022 को जम्मू के सुनजवां इलाके में आतंकियों ने CISF के जवानों को ले जा रही बस पर हमला किया। इस हमले में एक CISF जवान शहीद हुआ और कई अन्य घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। बाद में जांच में सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क की भूमिका सामने आई थी।

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सरकार ने घोषित किए 23 आतंकवादी भारत-विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमले करने, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार से घुसपैठ, आतंकवादी संगठनों की मदद करने, फंड जुटाने और आतंकवादियों की भर्ती करने जैसे कामों में शामिल हैं। ये सभी आतंकी, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

इन 23 लोगों को घोषित किया आतंकी

केंद्र सरकार ने जिन 23 लोगों को आतंकी घोषित किया  है, उनमें नाम इस प्रकार है।

1. मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ मुफ्ती मसूद इलियास
2. मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर उर्फ अब्दुल मनन
3. हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार
4. मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद उर्फ साद जिमी
5. अब्दुल्ला जिहादी उर्फ शाहनवाज
6. गुलाम फरीद उर्फ गुलशन कुमार
7. फिरदौस अहमद भट
8. हारून रशीद गनई उर्फ शुनू
9. बिलाल अहमद मीर उर्फ अहमद भाई
10. आबिद कयूम लोन
11. नजीर अहमद गुज्जर उर्फ अबू मनाजिल
12. अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रऊफ
13. अशफाक अहमद उर्फ इशफाक अहमद
14. हाफिज खालिद वालीद उर्फ हाफिज खालिद नाइक
15. मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की उर्फ मौलाना इमदाद
16. मौलाना सैफुल्लाह खालिद उर्फ वलियुल
17. मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा
18. मौलाना यूसुफ ताईबी उर्फ मोहम्मद यूसुफ
19. ओवैस फारूज उर्फ ओवैस अहमद मीर
20. कारी याकूब शेख उर्फ कारी मोहम्मद याकूब शेख
21. राणा इफ्तिखार उर्फ राणा वलीद आतिफ
22. वसीम नूर जाट उर्फ क़ारी वसीम
23. मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद

इन 23 आतंकियों का आपराधिक इतिहास क्या?

1. मसूद इलियास कश्मीरी : मसूद इलियास कश्मीरी की पाकिस्तान का निवासी है। वह जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है। वह मौलाना मसूद अजहर का विश्वासपात्र और कश्मीर में घुसपैठ का मुख्य समन्वयक है। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को आतंकी गुटों में भर्ती करने और टेरर फंडिंग जुटाने में सक्रिय है। उसने अप्रैल 2022 में जम्मू के संजवान में पीडीपी कार्यालय के पास नाका पार्टी पर हुए हमले को अंजाम दिया था।

2. मोहम्मद मुसादिक : मोहम्मद मुसादिक भी पाकिस्तान का निवासी है और जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है। वह लसिंयाकोट सेक्टर का लॉन्चिंग कमांडर है जो सीमा पर सुरंगों के माध्यम से घुसपैठ कराता है। वह ड्रोन के जरिए हथियारों और गोला-बारूद की खेप भारत भेजने में शामिल रहा है। इसके अलावा, वह अयोध्या के आर.जे.बी. परिसर, नागपुर के आरएसएस मुख्यालय और पानीपत की आई.ओ.सी.एल. रिफाइनरी जैसे रणनीतिक स्थानों की टोह लेने में संलिप्त था।

3. मुफ्ती मोहम्मद असगर खान : मुफ्ती मोहम्मद असगर खान पाकिस्तान का रहने वाला है। ये भी जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है। वह पीओजेके में जेईएम का अमीर और सैन्य विंग का प्रमुख है। वह जम्मू के नगरोटा में भारतीय सेना के कैंप पर हुए आतंकवादी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। वह मुजफ्फराबाद में आतंकियों को जेहादी और सैन्य प्रशिक्षण देने के लिए कैंप चलाता है।

4. हाफिज अब्दुल शकूर : हाफिज अब्दुल शकूर भी पाकिस्तानी है और जैश-ए-मोहम्मद / हरकत-उल-मुजाहिद्दीन से संबंध रखता है। उसने नगरोटा सेना शिविर पर हमले के लिए सांबा-कठुआ सेक्टर से तीन पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ कराई थी। उसने 1995/96 के दौरान अफगान युद्ध में भाग लिया था और वह आईएसआई की मदद से आतंकी गतिविधियों का समन्वय करता है। वह जेईएम की शासी परिषद (शूरा) का सदस्य है।

5. अब्दुल्ला जिहादी : अब्दुल्ला जिहादी पाकिस्तान का निवासी है। ये भी जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है। वह मुफ्ती असगर खान का सह-षड्यंत्रकारी है और उत्तरी कश्मीर क्षेत्र में आतंकियों की घुसपैठ की सुविधा प्रदान करता है। उसने भारत सरकार के खिलाफ घृणा और असंतोष फैलाने के प्रयास किए हैं। वह कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में स्थित कई लॉन्चिंग कैंपों का प्रबंधन संभालता था।

6. फिरदौस अहमद भट : फिरदौस अहमद भट की भारत का निवासी है। लेकिन वर्तमान में पाकिस्तान में रहता है। वह लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है। वह लश्कर-ए-तैयबा का लॉन्चिंग कमांडर है जो वर्ष 2018 में वैध दस्तावेजों के सहारे वाघा सीमा से पाकिस्तान चला गया था। वह नियंत्रण रेखा के पार विदेशी आतंकवादियों के लिए सुरक्षित मार्ग का प्रबंधन करता है। इसके साथ ही, वह ओवर ग्राउंड वर्कर्स को हथियार मुहैया कराने और दक्षिण कश्मीर के युवाओं को भड़काकर आतंक में भर्ती करने का काम करता है।

7. गुलाम फरीद : गुलाम फरीद पाकिस्तान का निवासी है। ये जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है। उसने वर्ष 2001 से 2005 तक पाकिस्तानी सेना में सेवा की थी। इसके बाद वह सितंबर 2008 में बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ। दिसंबर 2008 में उसे जम्मू से गिरफ्तार किया गया था और बाद में जुलाई 2019 में उसे पाकिस्तान वापस निर्वासित कर दिया गया।

8. हारून रशीद गनई : हारून रशीद गनई भारत का रहने वाला है। फिलहाल वह पाकिस्तान में रह रहा है। ये लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है। वह मार्च 2018 में वैध दस्तावेजों के साथ पाकिस्तान गया और वहां लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया। वह कश्मीर घाटी के युवाओं को आतंकी रैंकों में शामिल होने के लिए प्रेरित करता है और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर्स को हथियार तथा गोला-बारूद की आपूर्ति करता है।

9. बिलाल अहमद मीर : बिलाल अहमद मीर भारत का निवासी है। वर्तमान में मुजफ्फराबाद, पीओके में रह रहा है। वह लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट से संबंध रखता है। वह सीमा पार (पाकिस्तान/पीओके) से बैठकर स्थानीय कश्मीरी युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने और भड़काने की साजिश रचता है। इसके अलावा, वह कश्मीर घाटी में हथियारों, गोला-बारूद और रसद की अवैध आपूर्ति श्रृंखला के प्रबंधन में सीधे तौर पर शामिल है।

10. आबिद कयूम लोन : आबिद कयूम लोन भारत का रहने वाला है। फिलहाल, पीओके में रहता है। वह लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है। वह फरवरी 2020 में अटारी चेक पोस्ट के माध्यम से पाकिस्तान गया और वापस नहीं लौटा। वह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमलों की योजना बनाने और लश्कर के लिए धन जुटाने का काम करता है। वह नियंत्रण रेखा पर एक संगठित सिंडिकेट के माध्यम से पाकिस्तान से भारत में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) की तस्करी करता है, जिससे प्राप्त धन का उपयोग आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया जाता है।

11. नजीर अहमद गुज्जर : नजीर अहमद गुज्जर भारत भी भारत का रहने वाला है। फिलहाल, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में रहता है। वह लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है। वह वर्ष 2006 में नियंत्रण रेखा पार कर पीओके चला गया था। उसने डोडा और किश्तवाड़ क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए स्थानीय युवाओं को भर्ती किया। वह ड्रोन का उपयोग करके सांबा और आर.एस. पुरा सेक्टर से भारतीय क्षेत्र में हथियारों और गोला-बारूद की खेप भेजने का मुख्य ऑपरेटर रहा है।

12. अब्दुल रऊफ : अब्दुल रऊफ पाकिस्तानी है तथा लश्कर-ए-तैयबा / जमात-उद-दावा / फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन से संबंध रखता है। वह 1999 से लश्कर का एक वरिष्ठ नेता है और आतंकी हाफिज सईद की सीधी कमान के अधीन काम करता है। वह ‘फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन’ और अल-मदीना वेलफेयर ट्रस्ट जैसे धर्मार्थ संगठनों की आड़ में लश्कर के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन और जनसमर्थन जुटाने का काम करता है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने उसे ‘विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी’ घोषित किया है।

13. अशफाक अहमद : अशफाक अहमद भी पाकिस्तानी है तथा जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है। वह वर्ष 2000 में जैश में शामिल हुआ और बहावलपुर में ‘शुआबा हदीस’ और अल-रहमत ट्रस्ट (जैश का चैरिटी विंग) का प्रभारी है। उसे पाक-अधिकृत कश्मीर में जेहादी प्रशिक्षण मिला था। वह जनवरी 2016 के पठानकोट वायुसेना स्टेशन हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों के ग्राहकों में से एक पाया गया था।

14. हाफिज खालिद वालीद : हाफिज खालिद वालीद भी पाकिस्तान का रहने वाला है। वह लश्कर-ए-तैयबा / जमात-उद-दावा से संबंध रखता है। वह लश्कर प्रमुख हाफिज़ मोहम्मद सईद का दामाद है और वर्ष 2003 से लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य रहा है। वह जून 2016 में हुए पम्पोर हमले का मुख्य मास्टरमाइंड था, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के आठ जवान शहीद हुए थे। अगस्त 2012 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा उसे वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित किया गया था।

15. मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की : मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की भी पाकिस्तानी है। वह जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है। वह जैश के कैदियों के विंग (शोबा-ए-असीरन) का अमीर और संगठन के कानूनी मामलों का प्रमुख है। वह मौलाना मसूद अजहर और उसके डिप्टी मुफ्ती अब्दुल रऊफ असघर का बेहद करीबी सहयोगी है। वह जनवरी 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकवादियों के साथ वास्तविक समय में समन्वय स्थापित करने में शामिल था।

16. मौलाना सैफुल्लाह खालिद : मौलाना सैफुल्लाह खालिद पाकिस्तान का रहने वाला है। वह लश्कर-ए-तैयबा / पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग से संबंध रखता है। वह पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग का महासचिव है और पहले मिल्ली मुस्लिम लीग का अध्यक्ष रह चुका है। उसने लश्कर और जमात-उद-दावा के कई विंग्स (जैसे प्रचार विभाग, नियंत्रण और सुधार विंग) के प्रमुख के रूप में कार्य किया है। अप्रैल 2018 में अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकवादी सूची में शामिल किया था।

17. मोहम्मद याकूब : मोहम्मद याकूब पाकिस्तानी है और लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है। वह वर्तमान में इस्लामाबाद (चट्टा बख्तावर) से लश्कर के ऑपरेशन कमांडर के रूप में काम कर रहा है। वह भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कश्मीर घाटी में सक्रिय अन्य लश्कर कैडरों के साथ वित्तीय और साजो-सामान (लॉजिस्टिक्स) सहायता का समन्वय करता है। इसके खिलाफ श्रीनगर के सीआई कश्मीर पुलिस स्टेशन में विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अधीन मामला दर्ज है।

18. मौलाना यूसुफ ताईबी : मौलाना यूसुफ ताईबी भी पाकिस्तानी है और लश्कर-ए-तैयबा / जमात-उद-दावा से संबंध रखता है। यह एलईटी/जेयूडी का एक केंद्रीय नेता है जो वर्तमान में संगठन के नियंत्रण और सुधार (दावत-ओ-इस्लाह) विंग से जुड़ा हुआ है। वह पूर्व में कराची स्थित एलईटी/जेयूडी से संबद्ध संस्था ‘जामिया अल-दीरासत अल-इस्लामिया ट्रस्ट’ का प्रभारी रह चुका है। वर्तमान में वह लाहौर के ‘अल-कदसिया इस्लामिक सेंटर’ से जुड़ा है और पंजाब के सरगोधा मरकज में शुक्रवार को धार्मिक उपदेश (खुतबा) देने का काम करता है।

19. ओवैस फारूज : ओवैस फारूज भारत का रहने वाला है और लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है। वह अप्रैल 2018 में वैध भारतीय पासपोर्ट पर वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान गया और LeT के आतंकवादी रैंक में शामिल हो गया। जनवरी 2023 में उसके भाई फरज़ान फिरोज़ को श्रीनगर पुलिस ने 450 ग्राम हेरोइन (कीमत लगभग 9.95 लाख रुपये) और लेटर पैड के साथ गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ एनआईए कोर्ट, पुलवामा ने धारा 82 CrPC के अधीन उद्घोषणा आदेश जारी किया है।

20. कारी याकूब शेख : कारी याकूब शेख पाकिस्तानी है और पाकिस्तान मरकाजी मुस्लिम लीग / जमात-उद-दावा से संबंध रखता है। वह जेयूडी का एक केंद्रीय नेता और उसकी केंद्रीय ‘दवाती टीम’ का सदस्य है। उसने 2018 के पाकिस्तानी आम चुनाव में मिल्ली मुस्लिम लीग के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। वह सऊदी अरब में लश्कर और जेयूडी के लिए फंड इकट्ठा करने के मिशनों में प्रमुखता से शामिल रहा है। अगस्त 2012 में अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित किया था।

21. राणा इफ्तिखार : राणा इफ्तिखार भी पाकिस्तान का रहने वाला है और वह लश्कर-ए-तैयबा / जमात-उद-दावा से संबंध रखता है। वह प्रमुख हाफिज़ सईद का अत्यंत करीबी और उसके कश्मीर ऑपरेशन्स के वित्त का मुख्य प्रबंधक है। वह मारे गए और भारतीय जेलों में बंद आतंकियों के परिवारों के कल्याण के लिए काम करने वाले विंग ‘शोबा-ए-असीरन’ का प्रभारी है। वर्ष 1993 में जम्मू-कश्मीर के मेंढर सेक्टर में एक मुठभेड़ के दौरान घायल होने पर उसे गिरफ्तार किया गया था और यह 2004 तक भारतीय जेल में बंद रहा।

22. वसीम नूर जाट : वसीम नूर जाट पाकिस्तानी है और जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है। यह जैश का एक लॉन्चिंग कमांडर है जो कोटली व्यवस्था संभालता है। वह वर्ष 2021-22 के दौरान ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में हथियार और गोला-बारूद गिराने की गतिविधियों में शामिल रहा है। उसे पहले अक्टूबर 2008 में सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तार किया गया था और वह 2012 से 2015 तक कोट भलवाल सेंट्रल जेल, जम्मू में बंद था, जहा से रिहा होने के बाद उसे पाकिस्तान निर्वासित कर दिया गया था।

23. मोहम्मद शहीद फैसल : मोहम्मद शहीद फैसल पाकिस्तान का निवासी है। वह वर्तमान में रावलपिंडी में सक्रिय है और लश्कर-ए-तैयबा/अल-कायदा / से संबंध रखता है। वह वर्ष 2012 के बेंगलुरु एलईटी साजिश मामले और 2013 के नांदेड़ LeT मामले का मुख्य मास्टरमाइंड और हैंडलर है, जिसमें दक्षिणपंथी राजनेताओं और पत्रकारों की लक्षित हत्याओं की साजिश रची गई थी। वह वर्ष 2013 में आतंकी फरहतुल्लाह गोरी की मदद से पाकिस्तान भाग गया। जांच के अनुसार, वह रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले (2024), मंगलुरु कुकर विस्फोट और अल-हिंद आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में एक ऑनलाइन हैंडलर के रूप में शामिल रहा है। वह सोशल मीडिया चैनलों (जैसे ‘सवत अल हक’) पर राष्ट्र-विरोधी और जिहादी वीडियो के जरिए युवाओं को भर्ती करने का काम करता है।

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