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जॉर्डन में सैनिकों की मौत से बौखलाया अमेरिका, ईरान पर लगातार 8वीं रात किए हवाई हमले

जॉर्डन में सैनिकों की मौत से बौखलाया अमेरिका, ईरान पर लगातार 8वीं रात किए हवाई हमले

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US-Iran War : तेल अवीव/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने लगातार आठवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले (Airstrike) किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई जॉर्डन (Attack In Jordan) में हुए उस हमले के जवाब में की जा रही है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (President Donald Trump) ने कहा कि उन्होंने खुद इन हमलों को मंजूरी दी थी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सैनिकों की मौत दुखद है, लेकिन ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US Central Command) ने दावा किया कि इस बार हमलों का मुख्य निशाना ईरान के सैन्य ठिकाने, हथियारों के भंडार और लॉजिस्टिक्स सेंटर रहे। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पुलों और डिसैलिनेशन प्लांट पर भी हमले की बात कही गई है, लेकिन CENTCOM ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जंग में में दो और सैनिकों की मौत जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।

सैनिकों की मौत से बौखलाया अमेरिका

दरअसल, अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के खिलाफ नए हवाई हमले किए। यह हमला जॉर्डन में हुए एक हमले के जवाब में किया गया, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, एक लापता हो गया और चार अस्पताल में भर्ती हुए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से तेल टैंकरों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने की ईरान की क्षमता को और कम करना है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद पहली बार सीधे ईरानी हमले से अपने सैनिकों की मौत की घोषणा की। शुक्रवार के ड्रोन और मिसाइल हमले में चार अन्य सैनिक भी अस्पताल पहुंचे। इसी साल 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से अब तक 16 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 430 से अधिक घायल हुए हैं।

ईरानी नेता की अमेरिका को चेतावनी

वहीं ईरान के एक बड़े नेता इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक उनके सुप्रीम लीडर के तेवरों को समझ लें, तो वे एक सेकंड गंवाए बिना वहां से भाग खड़े होंगे। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुआ समझौता टूट गया है। इसके बाद से दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर बमबारी की है, तो ईरान समर्थित गुटों ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अमेरिका को ‘महाशैतान’ कहते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखत को पूरी तरह रद्दी बताया है। खामेनेई का कहना है कि अमेरिका कभी अपनी बात पर नहीं टिकता और हमेशा धोखेबाजी करता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपने हमले नहीं रोके, तो ईरान और उसके साथी देश अमेरिका को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उनके हस्ताक्षर की कोई अहमियत नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर हाल में हुए समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया।

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अमेरिका ने विदेशों में रह रहे नागरिकों को किया अलर्ट

वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दुनियाभर में रह रहे और यात्रा कर रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है। मंत्रालय ने मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और हालात के अचानक बिगड़ने की आशंका जताई है। यह एडवाइजरी ईरान पर ताजा अमेरिकी हवाई हमलों से पहले जारी की गई थी। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस संघर्ष का असर अमेरिका पर भी दिखाई दे रहा है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ अमेरिकी सैनिकों की मौतों की संख्या भी बढ़ी है।

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