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जम्मू में दो जगह बादल फटे, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड; यूपी-राजस्थान समेत 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट

जम्मू में दो जगह बादल फटे, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड; यूपी-राजस्थान समेत 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट

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IMD Weather Update In India : नई दिल्ली/जयपुर। देश में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है, तो दूसरी ओर कई इलाकों में लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 7 दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून के दूसरी बार एक्टिव हो गया है। जिसके चलते दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। रविवार को भी उत्तराखंड और सिक्किम, बंगाल के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली में अगले सप्ताह तेज बारिश के आसार

वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और देश के कुछ पश्चिमी व दक्षिणी हिस्सों में अभी भी उमस भरी गर्मी बनी हुई है। यहां बारिश की गतिविधियां फिलहाल कमजोर हैं। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले सप्ताह इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों तक बारिश कम रहेगी, जबकि दक्षिण और पश्चिम-मध्य भारत में अगले सात दिनों तक सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में शनिवार देर रात 3 बजे भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड आ गई। इससे धारहाल नदी उफान पर है और न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में पानी भर गया। करीब 200 से 250 गाड़ियां बह गईं। उधर, पुंछ में रातभर हुई भारी बारिश के कारण 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लापता हैं।

अरुणाचल में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित

अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। यहां बाढ़ और भूस्खलन के इस दौर में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, 29 लोग घायल हुए हैं और 1,49,257 लोग प्रभावित हुए हैं। मानसून की मार से कुल 26 जिले, 328 सर्कल और 576 गांव प्रभावित हुए हैं। इधर, पिथौरागढ़ में, कैलाश-मानसरोवर यात्रा का चौथा जत्था, जिसमें 50 तीर्थयात्री शामिल हैं धारचूला बेस कैंप में रोक दिया गया है। बेस कैंप के इंचार्ज धन सिंह बिष्ट ने बताया कि गरबाधार में भूस्खलन के कारण गुंजी जाने वाला रास्ता बंद हो गया है।

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उत्तरप्रदेश में मानसून फिर सक्रिय

उत्तरप्रदेश में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। रविवार सुबह से दोपहर तक 25 शहरों में बारिश हुई। इसके अलावा, ज्यादातर शहरों में बादल छाए रहे। आगरा में दिन में अंधेरा छा गया। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इनमें से 31 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इधर, पहाड़ी इलाकों में बारिश होने से प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। बलिया में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। कानपुर में गंगा चेतावनी स्तर तक पहुंच गई है। प्रशासन ने नदी में बोटिंग पर रोक लगा दी है। वाराणसी में दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां डूब गई हैं। प्रयागराज संगम पर अनाउंस कर लोगों को नदी से दूर रहने को कहा जा रहा है। मथुरा-वृंदावन में यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है।

राजस्थान में मानसून की गतिविधियां हुई तेज

राजस्थान में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई है। जिसके चलते पहले पूर्वी और बाद में पश्चिमी राजस्थान में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 15 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दौसा के बसवा में हुई। अलवर, धौलपुर, बूंदी और कोटा के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर चक्रवाती परिसंचरण तंत्र में परिवर्तित हो चुका है। मानसून ट्रफ लाइन अमृतसर, करनाल और रांची से होकर गुजर रही है। ऐसे में पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सो में कमजोर मानसूनी परिस्थितियां आगामी दो-तीन दिन तक जारी रह सकती हैं। हालांकि कोटा, भरतपुर, जयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में 20-21 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

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