मेहनत या तक़दीर? ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सवाल
ज़िन्दगी में मेहनत और तक़दीर दोनों का ताल्लुक़ है। अल्लाह हर चीज़ को जानता और लिखता है, लेकिन इंसान को रास्ता चुनने की आज़ादी दी गई है। इस्लाम में मेहनत को छोड़ना जायज़ नहीं, बल्कि मेहनत करना ईमान का हिस्सा है। मेहनत करते रहना, दुआ करना और नतीजा अल्लाह पर छोड़ना सही तरीका है। यह बैलेंस इंसान को घमण्ड और मायूसी से बचाता है। Read More
