20 दशक से प्यासा रामगढ़ बांध, होगा फिर से जीवित
-रामगढ़ में पहली बार होगा Artificial Rain का ट्रायल, ताइवान से मंगवाया गया हाईटेक ड्रोन
-अमेरिका के वैज्ञानिकों द्वारा करवाई जाएगी कृत्रिम बारिश
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। ज़िले में स्थित ऐतिहासिक रामगढ़ बांध कभी राजधानी की जल जीवनरेखा था। 1903 में बने इस बांध से जयपुर शहर की जलापूर्ति होती थी। लगभग 15.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बांध में 1999 के बाद से अब तक एक भी बार भराव नहीं हुआ। कारण है – अवैध अतिक्रमण, कैचमेंट एरिया में निर्माण,और बरसाती नदियों पर अवरोध। वहीं राज्य सरकार की अनूठी पहल से बांध की बुझेगी प्यास। जयपुर में होने जा रहा है मौसम का इतिहासिक कारनामा। सूखे रामगढ़ बांध में अब हाईटेक ड्रोन बरसाएगा बारिश। तैयारी पूरी, तकनीक हाईटेक… और मिशन की कृत्रिम वर्षा, आसमान में 40 हजार फीट की ऊंचाई तक जाएगा ये खास ड्रोन। ताइवान से मंगवाया गया है यह रेन-क्रिएटर ड्रोन,वैज्ञानिक तकनीक से बादलों में छोड़े जाएंगे स्पेशल केमिकल पार्टिकल्स, और शुरू होगी बारिश! जयपुर कलेक्टर ने सभी अहम विभागों के साथ ली संयुक्त बैठक। इस महीने के अंत तक शुरू होगी पहली ट्रायल बारिश। पूरा डेटा एक महीने तक रिकॉर्ड किया जाएगा। बादल, बारिश, हवा सब कुछ! अगले 7 दिनों में अमेरिका के सीनियर वैज्ञानिक जयपुर पहुंचेंगे। पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग और डेटा एनालिसिस किया जाएगा। अब देखना यह होगा राज्य सरकार के अथक प्रयासों को कितनी सफलता प्राप्त होगी।
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