संस्थागत भ्रष्टाचार की देन है झालावाड़ के पीपलोदी का हादसा
झालावाड़ (रॉयल पत्रिका)। नरेश मीणा, जिन्होंने पीपलोदी हादसे के पीड़ितों के लिए इंसाफ और मुआवजे की मांग की थी, एक महीने 10 दिन जेल में रहने के बाद रिहा हुए। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रदर्शन और आंदोलन में उनकी कोई गलती नहीं थी। मीणा ने आरोप लगाया कि उन्हें षड्यंत्र के तहत फंसाया गया। उन्होंने मृतकों के लिए कम से कम 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग पर जोर दिया… Read More
