पीर अली अली खान- एक विख्यात स्वतंत्रता सेनानी
पीर अली खान का जन्म 1812 ईस्वी में मोहम्मद पुर जिला आजमगढ़ उत्तर प्रदेश में हुआ था। लेकिन वो अपने पेशे की वजह से वह पटना में रहते थे। पेशे से वह एक जिल्दसाज थे। वह अपने पेशे के मार्फत गुपचुप तथा छुपी हुई सामग्रियों का आदान प्रदान करते थे। इस कार्य की वजह से वह अंग्रेजी हुकूमत वह पटना बिहार के तत्कालीन कमिश्नर विलियम टेलर की नजरों में आ गए और उन्हें चेतावनी दी गई लेकिन पीर अली खान अपने जुनून वह देश भक्ति का पक्का इरादा रखते थे और वह देश भक्ति के कार्य में लगे रहे जब 1857 का सैनिक विद्रोह पूरे देश में हुआ तो पीर अली खान भी अपने कई साथियों के साथ इस आंदोलन में पटना में बढ़ चढ़कर भाग लिया और अंग्रेजों के कई संस्थानों पर हमले किए अंततः पीर अली खान को उनके अन्य 33 साथियों के साथ अंग्रेजी हुकूमत ने गिरफ्तार कर लिया और 7 जुलाई 1857 को आम नागरिकों के सामने खुले तौर पर पीर अली खान एवं उनके 14 साथियों को फांसी पर लटका दिया गया। पीर अली खान की देशभक्ति, त्याग और बलिदान को लोग आज भी याद वह सम्मान करते हैं उनके सम्मान में पटना शहर में रोड, पार्क आदि का नामकरण किया गया है हम सब उनकी देशभक्ति को सलाम करते हैं।
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