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शिक्षा मंत्रालय संभालते ही प्रह्लाद जोशी चर्चा में, बिजली और आबादी वाला बयान हुआ वायरल

शिक्षा मंत्रालय संभालते ही प्रह्लाद जोशी चर्चा में, बिजली और आबादी वाला बयान हुआ वायरल

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Prahlad Joshi Old Remark Sparks Political Controversy : नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। इससे एक दिन पहले शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रह्लाद जोशी के पास मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया जब देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक विवाद को लेकर धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग कर रहे थे। शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी मिलते ही प्रह्लाद जोशी ने कहा- मैं नई जिम्मेदारी पर खरा उतरूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया। पिछले कुछ सालों में देश की शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है।

प्रह्लाद जोशी भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे कई बार लोकसभा के लिए चुने जा चुके हैं और केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। लेकिन प्रह्लाद जोशी कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है?

प्रह्लाद जोशी: राजनीतिक विवाद और आलोचना

हालांकि प्रह्लाद जोशी पर भ्रष्टाचार का कोई बड़ा आरोप साबित नहीं हुआ है और न ही अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया है, लेकिन उनके करियर के दौरान कई राजनीतिक अभियानों, नीतिगत फैसलों और सार्वजनिक बयानों की वजह से विपक्षी दलों और नागरिक समाज समूहों ने उनकी आलोचना की है। संसदीय कार्य मंत्री (2019-2024) के तौर पर, संसद के कामकाज को लेकर जोशी अक्सर विपक्षी दलों की आलोचना का शिकार बने। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर अहम बिलों पर बहस सीमित करने, चर्चा का समय घटाने और हंगामे के बीच कानून पारित करने का आरोप लगाया।

प्रह्लाद जोशी ने अक्सर कांग्रेस के खिलाफ कड़े राजनीतिक बयान दिए हैं, खासकर कर्नाटक में शासन, आरक्षण, जाति जनगणना और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मुद्दों पर। उनके बयानों के कारण अक्सर विपक्षी नेताओं के साथ राजनीतिक बहस हुई और मीडिया का ध्यान भी उन पर गया। उन्हीं में एक बयान अब तेजी से वायरल हो रहा है।

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में फिसली जुबान

दरअसल, ये पूरा मामला साल 2023 का है। कर्नाटक विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने “विजया संकल्प यात्रा” के तहत हासन जिले के जवागल में एक विशाल रोड शो में भाग लिया, यहां उनकी लोगों को संबोधित करते हुए जुबान फिसल गई। दरअसल, ये पूरा मामला कर्नाटक विधानसभा से चुनाव से पहले का है। जब कांग्रेस ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में राज्य में फ्री बिजली का ऐलान किया था। कांग्रेस के इस वादे पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अजीबोगरीब बयान दिया। उन्होंने बिजली को जनसंख्या से जोड़ने का काम किया।

जनसंख्या का बिजली कनेक्शन

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में प्रचार प्रसार के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि कांग्रेस ने अपने शासन में कम बिजली दी। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अब कांग्रेस कहती है कि वो मुफ्त में बिजली देगी। क्या आपको विश्वास है कि कांग्रेस फ्री बिजली देगी। उनके कार्यकाल में कभी बिजली नहीं आती थी। वो तो कम बिजली देते थे, इस वजह से हमारी जनसंख्या भी बढ़ गई। पीएम मोदी ने तो 24 घंटा बिजली देने का काम किया है।

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