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नीट पेपर लीक से युवाओं की आवाज बनी आंदोलन! CJP का अगला कदम क्या होगा?

नीट पेपर लीक से युवाओं की आवाज बनी आंदोलन! CJP का अगला कदम क्या होगा?

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नई दिल्ली। देश में पेपर लीक का मुद्दा पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में बना हुआ है। 2014 से जुलाई 2026 तक मीडिया रिपोर्टों और सरकारी कार्रवाई के आधार पर कम से कम 116 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इन मामलों से करीब 7.5 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हुए और पेपर माफिया का नेटवर्क 19 राज्यों तक फैला मिला। 2014 से 2024 के बीच करीब 90 मामले सामने आए थे। इस बीच साल 2014 से जुलाई 2026 तक देशभर में बहुत प्रदर्शन हुए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्रों और युवाओं में नाराजगी देखने को मिली है। कई जगहों पर अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

इसी बीच NEET पेपर लीक मामले को लेकर एक आंदोलन चर्चा में आया, जिसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े अभिजीत दीपके ने किया। आंदोलनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। जिसके बाद भाजपा सरकार ने विरोध प्रदर्शन और आंदोलन को देखकर बड़ा फैसला लिया। सीजेपी और छात्रों के आंदोलन पर सरकार इस बार बैकफुट पर दिखी। 37 दिन के आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा। अब इसी जीत यानी प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत दीपके ने एक वीडियो जारी किया है। अभिजीत दीपके ने वीडियो में कहा कि आंदोलन की बड़ी सफलता के बावजूद यह अंत नहीं, बल्कि सिर्फ शुरुआत है। दीपके ने समर्थकों, छात्रों और आलोचकों का आभार जताते हुए कहा कि सीजेपी को अभी लंबा सफर तय करना है। उन्होंने कहा कि पिछले 37 दिन बेहद कठिन रहे, लेकिन लोगों के सहयोग से यह अभियान अपने लक्ष्य तक पहुंचा।

अभिजीत दीपके ने आंदोलन को लेकर क्या कहा

अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछले 37 दिन वाकई बहुत मुश्किल रहे। उन्होंने बताया कि बीमारी के बावजूद वह आंदोलन से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें टाइफाइड था और बुखार भी था, इसलिए वह जंतर-मंतर पर मौजूद सभी लोगों से व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद नहीं कह सके। उन्होंने वीडियो में कहा, “जो लोग 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर डटे रहे, मैं उन सभी का दिल से धन्यवाद करता हूं। आपने इस देश के लिए जो किया, उसकी मैं वास्तव में सराहना करता हूं।”

‘अभी बहुत लंबा सफर तय करना है’

अभिजीत दीपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और सरकार की ओर से मांगें मान लेना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसे अंतिम मंजिल नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ शुरुआत है। सीजेपी को अभी बहुत लंबा सफर तय करना है।” उनके अनुसार, आंदोलन ने देश के युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया है और आगे भी पार्टी इसी दिशा में काम जारी रखेगी।

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CJP आंदोलन कैसे बना चर्चा का विषय?

सीजेपी की शुरुआत मई महीने में एक व्यंग्यात्मक पहल के रूप में हुई थी, लेकिन अगले कुछ सप्ताह में यह युवाओं के आंदोलन में बदल गई। बड़ी संख्या में समर्थक, जो खुद को ‘कॉकरोच’ कह रहे थे, जंतर-मंतर पहुंचे और नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग करते रहे। आंदोलनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान को इस मामले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी। शनिवार को उनके इस्तीफे के बाद सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सीजेपी ने अपना आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया। दीपके ने अपने संदेश के अंत में कहा कि आंदोलन की सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं की है जिन्होंने लगातार साथ दिया। उन्होंने दोहराया कि यह उपलब्धि आगे की जिम्मेदारियों को और बढ़ाती है। उनके अनुसार, सीजेपी का सफर अभी लंबा है और आने वाले समय में भी संगठन अपने उद्देश्यों को लेकर काम करता रहेगा।

आलोचकों को लेकर भी दिया संदेश

अभिजीत दीपके ने कहा कि सीजेपी को जिस तरह लोगों का समर्थन मिला, उसने आंदोलन को मजबूत बनाया। उन्होंने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने उनकी आलोचना की। दीपके ने कहा कि आलोचना में कई ऐसे सवाल थे, जो सही थे और जिनसे उन्हें अपनी कमियों को समझने तथा खुद को बेहतर बनाने का मौका मिला। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इसी वजह से हम अपने वादे को पूरा कर पाए।”

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