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ममता बनर्जी का अभेद्य किला ढहने के कगार पर…! दर्जनों सांसदों के टूटने का दावा, NDA को समर्थन करेंगे

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West Bengal TMC Political Crisis  : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में करारी हार मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस बिखरने लगी है। पार्टी के भीतर की बगावत अब पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है। विधायकों के बाद अब टीएमसी के सांसद भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। सोमवार दोपहर 20 सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर मीटिंग की। इस दौरान सुबह टीएमसी के राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे चुके सुखेंदु शेखर रे भी मौजूद रहे। उधर, बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी इनसे मिलने पहुंचे। बैठक में काकोली घोष, शताब्दी रॉय, अबू ताहिर, अरूप चक्रवर्ती, खलीलुर रहमान, शर्मिला सरकार, असित मल, कालीपद सोरेन, जगदीश बसुनिया और प्रसून बनर्जी मौजूद रहे। बाकी सांसदों के नाम सामने नहीं आए हैं।

मीटिंग के बाद काकोली ने दावा किया कि पार्टी के 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। इस बारे में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भी भेज दिया गया है। बता दें कि लोकसभा में टीएमसी के अभी 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। इससे पहले 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट ने ऋतब्रत को अपना नेता बनाया है।

बंगाल के सियासी गलियारों में मचा हड़कंप

इससे पहले सोमवार को विधानसभा के भीतर एक बेहद चौंकाने वाला नजारा दिखा। कोलकाता के पूर्व मेयर और वरिष्ठ टीएमसी नेता फिरहाद हकीम अचानक बागी खेमे में चले गए। बागी विधायक संदीपन साहा उन्हें हाथ पकड़कर सीधे नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के चैंबर में ले गए। इस मुलाकात के बाद बंगाल के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। इधर, टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर ने आज सुबह ही राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और पार्टी भी छोड़ दी। त्यागपत्र में उन्होंने ममता के 15 साल के अराजक शासन को पार्टी की हार का नतीजा बताया और भाजपा की तारीफ की थी। राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने सुखेंदु शेखर का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। सुखेंदु ने इस्तीफे के बाद मीडिया से कहा था कि पार्टी के कई लोग ममता मनमाने ढंग से पार्टी चला रही थीं, इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल 2029 तक था। अब सीट खाली हो चुकी है, अब इस पर उपचुनाव कराया जा सकता है।

विधायक ऋतब्रत बोले- सुखेंदु की बात काफी हद तक सही

सुखेंदु शेखर के इस्तीफे पर बंगाल में टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि यह सिर्फ सुखेंदु की निजी बात नहीं है। मैंने सुखेंदु से सीधे बात नहीं की है, लेकिन टीवी पर उनके बयान देखे और सुने हैं। मैं उनकी बातों से सहमत हूं। राज्यसभा के कामकाज को लेकर सुखेंदु की बात काफी हद तक सही है। संसद कोई क्विज खेलने की जगह नहीं है। उधर, टीएमसी ने बागी नेता रीताब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के विधानसभा स्पीकर के फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने तारीख तय नहीं की है।

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लोकसभा सांसद काकोली घोष भी दे चुकीं पार्टी से इस्तीफा

काकोली घोष ने दावा किया कि वह अभी भी लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला साथी सांसदों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि सांसदों ने NDA के साथ जाने का फैसला किया है। उनका मानना है कि यही जनता के जनादेश के अनुरूप है। काकोली ने 27 मई को टीएमसी छोड़ दी है, लेकिन सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया था। प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे लेटर में काकोली ने लिखा था कि मानसिक संघर्ष और लंबे चिंतन के बाद यह फैसला लिया है।

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