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कोटा में 1100 साल पुराने मठ के महंत की हत्या, हमलावरों ने महंत देवानंद महाराज को चाकू से गोदा, छावनी में बदला इलाका

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Kota Mahant Murder: कोटा। राजस्थान के कोटा जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बोरखेड़ा थाना इलाके में स्थित करीब 1100 साल पुराने चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की देर रात चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। वारदात के वक्त महंत अपने कमरे में सो रहे थे। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर संतों ने डेरा डाल दिया है और चेतावनी दी है कि जब तक कातिलों का एनकाउंटर नहीं होता, वे महंत का पार्थिव शरीर नहीं उठाएंगे। इस हत्याकांड ने सूबे की सियासत का पारा भी चढ़ा दिया है। वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही बोरखेड़ा समेत कई थानों की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से सवाई माधोपुर के रहने वाले महंत देवानंद महाराज पिछले 4 साल से चंद्रेसल मठ में अपनी सेवाएं दे रहे थे। महंत देवानंद महाराज रोज की तरह मठ परिसर के अपने कक्ष में सो रहे थे। इसी दौरान देर रात करीब 11:30 बजे अज्ञात हमलावर मठ के अंदर घुस गए और सीधे महंत के कमरे में पहुंचकर उन पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर दिए। जानकारी के मुताबिक, महंत और पुजारी अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। हमलावरों ने पहले पुजारी के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, ताकि वह बाहर न निकल सके। इसके बाद उन्होंने महंत के कमरे में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। शोर सुनकर जब सेवादार और ग्रामीण दौड़े, तो महंत लहूलुहान पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। वहीं महंत के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है।

नशे का विरोध करने की मिली सजा?

इस हत्याकांड के पीछे एक बड़ी वजह ‘नशेबाजी का विरोध’ करना माना जा रहा है। मठ से जुड़े एक ग्रामीण ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि मठ परिसर में कुछ लोग गांजा और चिलम पीते थे, जिसका महाराज अक्सर विरोध करते थे। दो दिन पहले ही महाराज सवाई माधोपुर से लौटे थे, तब भी उन्होंने नशा कर रहे लोगों को फटकार लगाई थी और उनका वीडियो भी अपने मोबाइल में बना लिया था। अंदेशा जताया जा रहा है कि इन्हीं नशेड़ियों ने रंजिश में आकर इस वारदात को अंजाम दिया है।

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हत्यारों के एनकाउंटर की मांग पर अड़े साधु-संत

महंत की हत्या की खबर जंगल की आग की तरह फैली और सुबह होते-होते एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर भारी भीड़ जुट गई। महंत के परिजन भी सवाई माधोपुर से कोटा पहुंच चुके हैं। मौके पर मौजूद महामंडलेश्वर मोजी बाबा साध्वी हेमा सरस्वती इस घटना को लेकर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘हम यहां से पार्थिव शरीर तभी उठाएंगे जब आरोपी सामने होंगे। उन्होंने जैसी घटना को अंजाम दिया है, उनके साथ भी वैसा ही होना चाहिए। संत समाज जैसे को तैसा वाले इंसाफ की मांग करता है।’ उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सीसीटीवी में चेहरे आ गए हैं और कुछ लोग डिटेन भी हुए हैं, तो फिर देरी किस बात की?

‘हाथों-हाथ एनकाउंटर होना चाहिए’

अखिल भारतीय संत समिति हाड़ौती मंडल के महामंत्री नागा रामदास ने भी पुलिस-प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने मठ का 1300 साल पुराना इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि यह वो जगह है जहां जिंदा नागा महात्माओं ने समाधि ली है और धर्म की रक्षा के लिए 20 युद्ध जीते हैं। उन्होंने कहा, ‘एक सन्यासी का मर्डर हुआ है, जिसने भी यह किया है उसका हाथों-हाथ एनकाउंटर होना चाहिए। जब तक एनकाउंटर नहीं होगा, हम बॉडी लेकर नहीं जाएंगे और ना ही मृतक संत को समाधि देंगे।’

बड़ा जनांदोलन करने की चेतावनी

वहीं, गो रक्षक हिम्मत सिंह हाड़ा ने भी प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर एक-दो घंटे के भीतर आरोपियों का एनकाउंटर नहीं हुआ, तो हिंदू समाज कमजोर नहीं है, हम राजस्थान की ईंट से ईंट बजा देंगे और एक बड़ा जनांदोलन खड़ा करेंगे।

कांग्रेस ने बीजेपी पर कसा तंज

संतों के इस धरने में राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचने लगे हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम और वरिष्ठ नेता प्रह्लाद गुंजल भी मोर्चरी पहुंचे। राखी गौतम ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘डबल इंजन की सरकार में जब पूजनीय संत ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी खुद को कैसे महफूज समझेगा? जब तक कातिलों को सजा नहीं मिलती, इंसाफ अधूरा है।’ वहीं प्रह्लाद गुंजल ने कहा कि मंदिर-मठ जैसी पवित्र जगह पर हत्या होना बेहद शर्मनाक है और कांग्रेस इस लड़ाई में संत समाज के हर फैसले के साथ खड़ी है।

एक्शन में पुलिस, विशेष टीमों का किया गठन

हालात की गंभीरता को देखते हुए मोर्चरी से लेकर चंद्रेसल मठ तक भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। रात को ही सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम और एडिशनल एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा ने अस्पताल और घटनास्थल का जायजा लिया। मौके पर डॉग स्क्वायड और FSL की टीमों ने अहम सबूत जुटाए हैं। एडिशनल एसपी ने बताया कि विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है और चोरी, रंजिश व संपत्ति विवाद समेत हर एंगल से जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग भी लगे हैं। शक के दायरे में आए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस मठ में ही रहने वाले दूसरे महंत ‘नंदनवन’ को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

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