Loading...

प्यार, साजिश और मौत…केतन अग्रवाल की हत्या पूरी प्लानिंग के साथ रची, पुणे मर्डर केस की पूरी कहानी

प्यार, साजिश और मौत…केतन अग्रवाल की हत्या पूरी प्लानिंग के साथ रची, पुणे मर्डर केस की पूरी कहानी

Follow us

Share

Pune Businessman Murder Case : पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। शुरुआत में यह मामला एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे सबूत सामने आए जिन्होंने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस का कहना है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी, जिसकी साजिश केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर रची थी।

पुलिस को CCTV फुटेज में मिले कई सुराग

अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी से मिले सुराग सबसे अहम थे। जिसके आधार पर पुलिस ने हत्याकांड को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने कई खुलासे किए हैं। पुलिस ने बताया कि सिया ही मर्डर की मास्टर माइंड है। सिया गोयल ने अपने प्रेमी संग इस वारदात को पूरी प्लानिंग के साथ रचा था कि पहली नजर में हर कोई इसे हादसा समझ बैठा, लेकिन केतन की मां को अपने बेटे की मौत पर विश्वास नहीं हुआ। फिर यहीं से केतन की मौत के पीछे की साजिशें परत-दर-परत खुलने लगी।

चार महीने पहले हुई थी सिया और केतन की सगाई

करीब चार महीने पहले 11 फरवरी, 2026 को केतन और उसकी होने वाली पत्नी सिया को देखने का समारोह हुआ। इसके बाद 19 फरवरी को रोका हुआ था और दोनों की शादी 25 नवंबर को होने वाली थी। शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। इस बीच केतन, सिया को कई घर लेकर आता था और साथ घूमने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब दोनों किले की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचे, तो यहीं सिया को पहली बार केतन से पीछा छुड़ाने के लिए उसे पहाड़ी से धक्का देकर मार डालने का प्लान सूझा।

Advertisement

सिया के दिमाग में कैसे आया आइडिया

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 31 मई को सिया और मंगेतर केतन लोहगढ़ किले गए थे। वहां केतन एक खतरनाक जगह बैठा था। तभी सिया को उसे मारने का आइडिया आया। इसके बाद से वो केतन को मारने का प्लान करने लगी। इसके बाद सिया ने प्रेमी चेतन के साथ एक कैफे में मुलाकात की। वहां दोनों ने लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने की योजना पर चर्चा की थी। दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था।

सिया ने प्रेमी संग बनाई हत्या की योजना

सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। तब केतन के घर वालों ने मना कर दिया। इसके दो दिन बाद 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। सभी लोग फ्लाइट पकड़ने के लिए निकले। पुणे ग्रामीण के SP संदीप सिंह गिल के अनुसार, केतन के साथ बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट अपने पास अलग रख लिया था।

14 जून को सिया ने चेतन को दिया था धक्का

प्लान के अनुसार, 14 जून को भी केतन को मारने की कोशिश की थी। तब भी सिया ने केतन को धक्का दिया था लेकिन केतन ने एक पेड़ को पकड़कर लटक गया था जिससे वह बच गया था। सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। बोली कि मुझे वह जगह पसंद है। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पर पहुंचे। सिया ने केतन को एक जगह पीछे से धक्का दिया। पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- ‘धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।

तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया

सिया की जब यह योजना भीफेल हो गई, तब उसने 18 जून को लोहगढ़ जाने की योजना बनाई। 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया, लेकिन इस बार केतन की किस्मत ने साथ नहीं दिया। सिया ने चेतन के साथ मिलकर अपने मंगेतर को मौत के घाट उतार दिया।

डीएसपी गजानन टोम्पे के अनुसार, दोनों ने 18 जून को इस अपराध को अंजाम देने से पहले इसकी पूरी योजना बनाई थी। सिया ने पुलिस को बताया कि उसके और चेतन के बीच तय हुआ था कि जब मैं नीचे झुक जाऊं तो समझ लेना कि केतन को धक्का देना है। इसके बाद चेतन चौधरी ने केतन और सिया का पीछा किया और विंचू काटा रिज के पास एक सुनसान चट्टान पर पहुंचकर सिया गोयल की ओर से पहले से तय सिग्नल का इंतजार किया। सिग्नल मिलने के बाद चेतन चौधरी पीछे से केतन अग्रवाल के पास गया, उसे धक्का देकर चट्टान से नीचे गिरा दिया और वहां से भाग गया। इसके बाद सिया हादसा बताकर चिल्लाने लगी।

वारदात वाले दिन चेतन साथ नहीं ले गया अपना फोन

पुलिस को चकमा देने के लिए चेतन ने एक और प्लानिंग की थी। पुलिस को जांच में पता चला कि चेतन ने अपनी लोकेशन की ट्रैकिंग से बचने के लिए एक सोची-समझी साजिश के तहत अपना खुद का फोन अपनी दुकान पर ही छोड़ दिया था और वह अपने एक कर्मचारी का फोन लेकर लोहागढ़ चला गया था। पुलिस उस कर्मचारी से पूछताछ कर रही है।

सिया को शराब पीने की आदत

सिया को शराब पीने की आदत है, यह उसके माता-पिता अच्छी तरह से जानते थे। लेकिन, कभी उन्होंने इस बात का ज्रिक अग्रवाल परिवार से नहीं किया था। चेतन भी शराब पीता था। इसलिए दोनों में दोस्ती हुई और फिर प्यार हो गया। पुलिस कस्टडी में दोनों ने नशे की बात कबूल की है। केतन के पिता ने विशाल अग्रवाल ने बताया हमने अपने परिवार के इकलौते बेटे को खो दिया है। अब हमारा कुछ नहीं बचा है। केतन की हत्या करने वाले के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चले। उसे जल्द से जल्द फांसी हो ताकि केतन की आत्मा को शांति मिल सके।

‘शादी को टालना चाहती थी सिया’

सिया और 22 वर्षीय चेतन की मुलाकात पिछले साल एक कारोबारी बैठक के दौरान हुई थी। सिया एक बेकरी की मालिक है, जबकि चेतन सूखे मेवों का कारोबार करता है। पुलिस के अनुसार, चेतन सिया और केतन के रिश्ते से खुश नहीं था और वह केतन को अपने संबंधों में बाधा मानता था। इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर उसकी हत्या की साजिश रची। अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान केतन के चाचा से पता चला कि सिया ने पहले शादी को लेकर कुछ हिचकिचाहट जताई थी और एक बार पूछा था कि क्या शादी को एक साल के लिए टाला जा सकता है।

पुलिस बोली, शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी सिया

पुलिस ने बताया कि सिया अभी शादी करने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उस पर परिवार की ओर से केतन से शादी करने का भारी दबाव था। पुलिस अब इस मामले में साजिश के एंगल की भी गहनता से जांच कर रही है।

सिया के हावभाव से केतन की बहन को हुआ शक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही। विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए।

सिया की एक नंबर पर हजारों कॉल्स

पुलिस ने मामले की जांच के लिए सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।

हुडी पहनकर लोहागढ़ किले पहुंचा था चेतन

जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने कहा, हमने किले के टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें केतन और सिया को एकसाथ चलते हुए देखा गया। फुटेज को बारीकी से देखने पर पुलिस को एक युवक दिखाई दिया जो केतन और सिया से कुछ मीटर पीछे था। उस युवक ने शॉर्ट्स और हुडी पहनी हुई थी। हुडी का अगला हिस्सा इतना नीचे था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। उन्होंने बताया कि एक अन्य वीडियो में हमने देखा कि जब सिया पीछे मुड़कर देखती है तो हुडी पहने युवक अचानक नीचे बैठ जाता है।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।