Loading...

आरव हत्याकांड में बड़ा फैसला, आरोपी विराज को फांसी, सजा सुनते ही रो पड़ा कातिल, फुटेज दिखाने पर खुद को मारे थप्पड़

आरव हत्याकांड में बड़ा फैसला, आरोपी विराज को फांसी, सजा सुनते ही रो पड़ा कातिल, फुटेज दिखाने पर खुद को मारे थप्पड़

Follow us

Share

Firozabad Aarav Murder Case : फिरोजाबाद। उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद में एकतरफा प्यार में डेढ़ साल के बच्चे को पटक-पटककर मारने वाले आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। कोर्ट ने इस मामले में आरोपी विराज को फांसी की सजा सुनाई है। सजा सुनते ही आरोपी रोने लगा। दरअसल, बच्चे की मां ने आरोपी का प्रपोजल ठुकरा दिया था, जिसके बाद गुस्से में युवक ने वारदात की। आरोपी विराज ने मासूम को 8 बार उठाकर पटका था। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया था। इसमें दिख रहा था कि बच्चे की हत्या के बाद युवक चारों ओर देखता है। इसके बाद शव घर के बाहर छोड़कर भाग जाता है। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी को दोनों पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। घटना शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की है।

पुलिस अभिरक्षा में आरोपी विराज को पुलिस दोपहर करीब ढाई बजे जेल से कोर्ट लेकर पहुंची थी। यहां अभियोजन और बचाव पक्ष के सामने अदालत ने आरोपी को बच्चे की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने कहा, अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्य पूर्ण हैं। घटना बेहद जघन्य है। विराज को सजा का एलान होने के बाद पुलिस उसे वापस जेल ले गई। इस दौरान उसके चेहरे पर सजा का खौफ साफ था। इधर, मृतक आरव की नानी पिंकी देवी भी पहुंची थी। उन्होंने सजा पर खुशी जताई।

एक महीने 10 दिन में कोर्ट ने फैसला दिया

सरकारी वकील राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि कोर्ट ने 1 महीने 10 दिन में फैसला दिया है। पुलिस ने 6 दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। बचाव की पक्ष की तरफ से दलील दी गई थी कि घटना के वक्त आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। लेकिन, कोर्ट ने विराज को आरोपी माना है। फैसला सुनाने में सबसे अहम भूमिका सीसीटीवी फुटेज की रही। कोर्ट में जब फुटेज दिखाया गया तो आरोपी खुद भी अपने आप को थप्पड़ मारने लगा था। वह घटना से दुखी प्रतीत हो रहा था। देश स्तर पर फैसले का संदेश जाएगा और जनता में भी विश्वास पैदा होगा।

यह हुई थी वारदात

शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में 30 मई की दोपहर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने रिश्ते की भाभी रति से शादी करने की जिद पूरी न होने पर उसके डेढ़ साल के मासूम बेटे आरव को सड़क पर बेरहमी से आठ बार पटक-पटककर मार डाला था। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार देर रात ही गिरफ्तार कर लिया था। उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। मूल रूप से अरांव निवासी रति देवी की शादी फरवरी 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी। पति से अनबन के कारण वह 5 महीने से मायके में रह रही थी। इसी का फायदा उठाकर सुमित के फुफेरे भाई विराज उर्फ जितेंद्र पाठक निवासी शेखूपुर, बदायूं ने रति को मदद के भरोसे में लेना शुरू कर दिया। इसके बाद रति के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे रति ने ठुकरा दिया था।

Advertisement

टॉफी दिलाने के बहाने बच्चे को साथ ले गया

30 मई को रति अपनी मां पिंकी देवी के साथ कानूनी राय लेने शिकोहाबाद आई थी। इसी दौरान आरोपी विराज भी वहां पहुंच गया था। मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने बाहर ले गया था। घर से 50 मीटर दूर सुनसान सड़क पर उसने मासूम को 27 सेकंड के भीतर लगातार 8 बार पक्की सड़क पर पटका। बच्चे की मौत के बाद वह शव को दरवाजे पर फेंककर भाग गया था। परिजनों की नजर पड़ी तो वह आरव को अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी चेक किए तो उसमें विराज बच्चे को पटकता हुआ दिखाई दिया।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।