Loading...

चलती ट्रेन में युवक को आया हार्ट अटैक, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने CPR देकर बचाई जान

चलती ट्रेन में युवक को आया हार्ट अटैक, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने CPR देकर बचाई जान

Follow us

Share

CPR Saved Train Passenger in Dausa : बांदीकुई/संजय रैंसवाल। राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई से इंसानियत की मिसाल सामने आई है। चलती ट्रेन में एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर सीट पर गिर पड़ा। ट्रेन में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान ट्रेन में बैठे बांदीकुई गवर्नमेंट कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह प्रभाकर ने बिना देर किए उसे CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया। उनकी सूझबूझ और समय पर मिली मदद से यात्री की जान बच गई। बाद में वहां मौजूद TTE और आरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी यात्री को CPR देने में सहयोग किया। ट्रेन के दौसा रेलवे स्टेशन पहुंचते ही मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया।

ट्रेन में अचानक बिगड़ी यात्री की तबीयत

यह घटना बुधवार रात करीब 9 बजे की है। जब खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस बांदीकुई से जयपुर की ओर जा रही थी। ट्रेन जब दौसा से पहले खान भांकरी इलाके के पास पहुंची, तभी एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया गया कि मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से करीब 40 लोगों का एक समूह खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए राजस्थान आया था। इसी समूह में शामिल 40 वर्षीय मुकेश पुत्र रामचरण अचानक बेहोश होकर सीट पर गिर पड़े। उन्हें अचेत देखकर कोच में बैठे यात्रियों में घबराहट फैल गई। लोगों ने तुरंत रेलवे कर्मचारियों और मेडिकल सहायता के लिए सूचना दी।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने दिखाई सूझबूझ

उसी डिब्बे में सफर कर रहे बांदीकुई गवर्नमेंट कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह प्रभाकर ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए मुकेश को CPR देना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद शोर सुनकर रेलवे के टीटीई और आरपीएफ के जवान भी वहां पहुंच गए। उन्होंने भी इंद्रजीत के साथ मिलकर लगातार CPR दिया। समय पर मिली इस प्राथमिक चिकित्सा का असर हुआ और यात्री की हालत में सुधार आने लगा। यदि कुछ मिनट और देरी हो जाती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

डॉक्टरों ने बताए हार्ट अटैक के लक्षण

दौसा जिला अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट के नर्सिंग इंचार्ज महेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि जब मरीज अस्पताल पहुंचा तो उसमें हार्ट अटैक जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे। मरीज की हालत गंभीर थी, लेकिन ट्रेन में समय रहते CPR मिलने के कारण उसकी जान बच गई। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे जयपुर रेफर कर दिया।

Advertisement

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने लोगों से की खास अपील

घटना के बाद इंद्रजीत सिंह प्रभाकर ने बताया कि जब उन्होंने मुकेश को बेहोश देखा तो एक पल भी नहीं सोचा और तुरंत CPR देना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति कभी भी और किसी के साथ भी हो सकती है। इसलिए लोगों को सिर्फ तमाशबीन बनकर खड़े नहीं रहना चाहिए, बल्कि यदि CPR की जानकारी हो तो तुरंत मदद करनी चाहिए। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे CPR और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण जरूर लें। यह छोटा-सा कौशल किसी की जिंदगी बचाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

जागरूकता से बच सकती हैं कई जिंदगियां

डॉक्टरों का भी कहना है कि यदि आम लोगों को CPR की बुनियादी जानकारी हो, तो हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। दौसा की यह घटना इस बात का उदाहरण है कि समय पर लिया गया सही फैसला और थोड़ी-सी जानकारी किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकती है। इंद्रजीत, टीटीई और आरपीएफ जवानों की तत्परता ने एक परिवार को बड़ी त्रासदी से बचा लिया और समाज के सामने इंसानियत की एक मिसाल पेश की।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।