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जयपुर

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सऊदी अरब सरकार ने हज 2026 के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। अब पति-पत्नी एक कमरे में नहीं रह सकेंगे और पुरुषों का महिलाओं के कमरों में जाना प्रतिबंधित होगा। इसके अलावा, कमरों में खाना बनाने की सुविधा (किचन) बंद कर दी गई है, जिससे यात्रियों को खाना खरीदना पड़ेगा और खर्च बढ़ सकता है। सुरक्षा के लिहाज से हज कमेटी ऑफ इंडिया सभी यात्रियों को ट्रैकिंग और हेल्थ… Read More

अयोध्या में बाबरी के बदले बनने वाली मस्जिद का क्या हुआ?

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सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद अयोध्या के धन्नीपुर गांव में मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। हालांकि, राम मंदिर निर्माण के विपरीत, मस्जिद का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। प्रस्तावित स्थल पर अभी भी मवेशी चराए जा रहे हैं। निर्माण में देरी का मुख्य कारण अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा नक्शे की अस्वीकृति है। फायर डिपार्टमेंट ने आपत्ति जताई…

जवानों को उचित सम्मान देना हर नागरिक का कर्तव्य: भजनलाल शर्मा

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जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर रविवार को 'ऑनर रन' मैराथन का आयोजन किया गया, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। थलसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान द्वारा आयोजित इस दौड़ का उद्देश्य 15 जनवरी को होने वाले सेना दिवस से पहले पूर्व सैनिकों के बलिदान और साहस को सम्मान देना था। मैराथन 5, 10 और 21 किलोमीटर की श्रेणियों में हुई, जिसमें सेना के जवानों और आम…

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पश्चिम बंगाल में बनेगी बाबरी मस्जिद

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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडंगा में 6 दिसंबर 2025 को एक ऐतिहासिक घटनाक्रम देखने को मिला। पूर्व आईपीएस और टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने यहां 'बाबरी मस्जिद' की हूबहू कॉपी (प्रतिकृति) बनाने के लिए नींव रखी। इस कार्यक्रम में करीब 2 लाख लोगों की भीड़ जुटी। 20 बीघा जमीन पर बनने वाले इस प्रोजेक्ट में मस्जिद के साथ हॉस्पिटल और कॉलेज भी होंगे, जिस पर कुल…

CBSE Workshops: स्कूल पढ़ाई से आगे अब करियर और नौकरी की तैयारी में भी मदद करेगा सीबीएसई

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूली परीक्षाओं से आगे बढ़कर छात्रों के करियर निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत जुलाई में वर्चुअल करियर वर्कशॉप्स आयोजित की जाएंगी। इनमें कक्षा 9 से 12 के छात्र, अभिभावक और शिक्षक भाग ले सकेंगे। इन सत्रों में करियर प्लानिंग, स्ट्रीम चयन और जॉब स्किल्स जैसे विषयों पर चर्चा होगी। जो लोग लाइव शामिल नहीं हो सकेंगे, वे सीबीएसई…

पत्नी के नाम पर जमीन लेने वालों के लिए सरकार ने 2025 में किया बड़ा बदलाव

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सरकार ने वर्ष 2025 के लिए नए भूमि पंजीकरण नियम (Land Registration Rules) लागू किए हैं, जो विशेष रूप से पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदने वालों को प्रभावित करेंगे। नए नियमों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और धोखाधड़ी रोकना है। अब खरीदार को पैसे के स्रोत (Source of Income) का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, पति और पत्नी दोनों के डिजिटल हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। सभी दस्तावेजों का सत्यापन आधार…

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शरीर में ट्यूमर बनने के कारण

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यह स्वास्थ्य लेख ट्यूमर के कारणों और प्रकारों पर विस्तृत जानकारी देता है। इसमें बताया गया है कि सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते। ट्यूमर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं: सौम्य (Benign) और घातक (Malignant)। डॉ. अरुण शर्मा के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल, प्रोसेस्ड फूड, रेडिएशन और जेनेटिक कारण ट्यूमर के मामलों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं। लेख में बचाव के उपाय जैसे घर का खाना, व्यायाम और…

हमारे नबी (स.अ.व.) दुनिया के मुफ़क्किरीन की नज़र में

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हबीबुल्ला एडवोकेट द्वारा लिखित यह लेख पैगंबर हज़रत मुहम्मद (स.अ.व.) के प्रति विश्व के प्रसिद्ध गैर-मुस्लिम विचारकों और दार्शनिकों के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है। लेख में जॉर्ज बर्नार्ड शॉ, माइकल एच. हार्ट, थॉमस कारलाइल, और लियो टॉलस्टाय जैसे विद्वानों के कथनों का हवाला दिया गया है, जिन्होंने पैगंबर साहब को मानवता का मुक्तिदाता और महानतम प्रशासक माना है। इसमें बताया गया है कि कैसे उन्होंने अरब समाज में समानता…

इब्ने अरबी: वहदत अल-वुजूद और रूहानी विज्ञान के महानायक

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यह लेख 12वीं सदी के प्रसिद्ध सूफी विद्वान, दार्शनिक और कवि इब्ने अरबी (शेख अल-अकबर) के जीवन और दर्शन पर आधारित है। स्पेन में जन्मे इब्ने अरबी ने 'वहदत अल-वुजूद' (अस्तित्व की एकता) का सिद्धांत दिया, जो मानता है कि कण-कण में ईश्वर का वास है। उन्होंने 'अल-फुतुहात अल-मक्किया' जैसी विशाल ग्रंथ की रचना की। लेख में उनके द्वारा प्रतिपादित 'इंसान-ए-कामिल' की अवधारणा और आधुनिक विज्ञान (वर्महोल) के साथ उनके…

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गुलाम वंश का संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक

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यह लेख गुलाम वंश के संस्थापक और दिल्ली सल्तनत के पहले शासक कुतुबुद्दीन ऐबक के जीवन और उपलब्धियों पर आधारित है। 1206 में गद्दी संभालने वाले ऐबक को उसकी उदारता के कारण 'लाखबख्श' और कुरान के पाठ के कारण 'कुरान खाँ' कहा जाता था। उसने कुतुबमीनार, कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद और अढ़ाई दिन का झौपड़ा बनवाया। 1 दिसंबर 1210 को चौगान (पोलो) खेलते समय घोड़े से गिरकर उसकी मृत्यु हो गई। उसके…

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