शरीर में ट्यूमर बनने के कारण
क्या हैं असल वजहें और कैसे करें बचाव?
क्या हर ट्यूमर कैंसर होता है?
ट्यूमर (Tumor) शब्द सुनते ही अधिकतर लोगों के मन में डर बैठ जाता है, जबकि हर ट्यूमर कैंसर नहीं होता। ट्यूमर का मतलब शरीर में किसी टिश्यू या कोशिकाओं का असामान्य रूप से बढ़ जाना है, जिससे एक गांठ या उभार बन जाता है। इसे चिकित्सा भाषा में अर्बुद (Neoplasm) भी कहा जाता है।
यह शरीर के किसी भी हिस्से—जैसे दिमाग, फेफड़े, ब्रेस्ट, पेट, लिवर, हड्डी या त्वचा—में हो सकता है। आमतौर पर हमारे शरीर में पुरानी कोशिकाएं खत्म होती हैं और नई बनती हैं। लेकिन जब यह प्रक्रिया बिगड़ जाती है और कोशिकाएं अनियंत्रित होकर इकट्ठा होने लगती हैं, तो वे ट्यूमर का रूप ले लेती हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉ. अरुण शर्मा (हेड न्यूरोसर्जन, यथार्थ हॉस्पिटल, नोएडा) के अनुसार:
“पिछले कुछ सालों में ट्यूमर के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजहें हैं—खराब खान-पान, प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा इस्तेमाल, बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल, व्यायाम की कमी और बढ़ता रेडिएशन एक्सपोज़र। इसके अलावा कुछ मामलों में जेनेटिक यानी वंशानुगत कारण भी जिम्मेदार होते हैं।”
ट्यूमर बनने के मुख्य कारण
1. खराब खान-पान और प्रोसेस्ड फूड
आजकल लोग घर के ताजे भोजन की जगह पैकेटबंद और प्रोसेस्ड फूड ज्यादा खाने लगे हैं। इसमें प्रिज़रवेटिव, आर्टिफिशियल रंग और केमिकल होते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ाकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।
2. अनहेल्दी लाइफस्टाइल
शारीरिक गतिविधि की कमी, ज्यादा देर तक बैठकर काम करना, नींद पूरी न होना और मानसिक तनाव—ये सभी फैक्टर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कमजोर करते हैं। इससे कोशिकाओं की मरम्मत की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
3. रेडिएशन और प्रदूषण
मोबाइल फोन, लैपटॉप, वाई-फाई, हाई-टेंशन लाइन, मेडिकल रेडिएशन (जैसे बार-बार सीटी स्कैन) और वायु प्रदूषण—ये सभी शरीर पर धीरे-धीरे नकारात्मक असर डालते हैं। इससे डीएनए को नुकसान पहुंच सकता है।
4. जेनेटिक और हार्मोनल कारण
-
जेनेटिक: अगर परिवार में पहले से किसी को कैंसर या ट्यूमर रहा है, तो अगली पीढ़ी में इसका खतरा बढ़ सकता है।
-
हार्मोनल: कुछ ट्यूमर (जैसे ब्रेस्ट या थायरॉइड) हार्मोनल बदलावों के कारण होते हैं।
ट्यूमर के मुख्य प्रकार
1. सौम्य (Benign) ट्यूमर
सौम्य ट्यूमर कैंसरयुक्त नहीं होते।
-
ये धीरे-धीरे बढ़ते हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैलते।
-
इन्हें सर्जरी से आसानी से हटाया जा सकता है और ये दोबारा नहीं होते।
-
हालांकि, अगर ये दिमाग जैसे संवेदनशील अंग में हों, तो दबाव डालकर समस्या पैदा कर सकते हैं।
2. घातक (Malignant) ट्यूमर
घातक ट्यूमर को ही कैंसर कहा जाता है।
-
ये तेज़ी से बढ़ते हैं और आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंचाते हैं।
-
ये खून के ज़रिए शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकते हैं (मेटास्टेसिस)।
-
इनके इलाज में सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी की जरूरत पड़ती है।
बचाव के लिए क्या करें?
ट्यूमर के खतरे को कम करने के लिए इन आदतों को अपनाएं:
-
ताजा, संतुलित और घर का बना खाना खाएं।
-
प्रोसेस्ड और जंक फूड से दूरी बनाए रखें।
-
नियमित व्यायाम और योग को दिनचर्या में शामिल करें।
-
तनाव कम करें और पूरी नींद लें।
-
धूम्रपान और शराब से बचें।
-
किसी भी गांठ, लगातार दर्द या असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
