बेगम जीनत महल-एक बहादुर, निडर ओर देशभक्त मुगल रानी
पुण्यतिथि पर विशेष….
जीनत महल का जन्म 1823 ईस्वी में हुआ था। वह मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर द्वितीय की बेगम थी वह एक बहादुर व देशभक्त महिला थी। उन्होंने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के भारत की स्वतंत्रता के लिए समर्पित योद्धाओं को अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संगठित कर अपने देश प्रेम का बहुत परिचय दिया था। सन 1857 की क्रांति के समय बेगम जीनत महल ने बहादुर शाह जफर को प्रोत्साहित करते हुए कहा था कि यह समय गजलें कहकर दिल बहलाने का नहीं है बल्कि देशभक्त सैनिकों को साथ देने वह बढ़ावा देने का समय है, सारे हिंदुस्तान की नजरें दिल्ली और बादशाह की ओर लगी है यदि खानदान-ए-मुगलिया का खून हिंद को गुलाम होने देगा तो इतिहास में कभी हमे माफ नहीं करेगा। इससे उनकी देशप्रेम वह देशभक्ति के जुनून का पता चलता है। बहादुर शाह जफर द्वितीय के शासन काल के समय उन्हें राज्य संरक्षक भी कहा जाता है। अंततः जब अंग्रेजों ने 1858 ईस्वी में बहादुर शाह जफर द्वितीय की बादशाहत खत्म की तो बेगम जीनत महल भी उनके साथ निर्वासित जीवन जीने के लिए रंगून (बर्मा) चली गई जहां 17 जुलाई 1886 को उनका इंतकाल हो गया रंगून में आज भी बादशाह बहादुर शाह जफर व बेगम जीनत महल की दरगाह मौजूद है।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
