ईआरसीपी बांध के विरोध में 76 गांवों के ग्रामीण हुए एकजुट, विस्थापन पर जताई चिंता
सवाई माधोपुर, (रॉयल पत्रिका)। जिले के डूंगरी गांव में रविवार को महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें ईआरसीपी परियोजना के तहत प्रस्तावित बांध के विरोध में 76 गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हुए। इस दौरान सभा आयोजित कर ग्रामीणों ने अपने विचार व्यक्त किए और बांध बनने से होने वाले संभावित नुकसान पर चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार मलारना डूंगर तहसील के डूंगरी गांव में ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) के तहत बांध बनाने की योजना बना रही है, जिससे 76 गांव बांध के बहाव क्षेत्र में आ जाएंगे और उनका विस्थापन होगा। इससे इन गांवों की पीढ़ी-दर-पीढ़ी जुड़ी यादें और विरासत खत्म हो जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि विस्थापन के कारण उनकी ग्राम पंचायतें समाप्त हो जाएंगी और राजस्व गांव खत्म हो जाएंगे। वहीं, ग्रामीणों के मकान और खेती की जमीन भी डूब क्षेत्र में आ जाएगी, जिससे उनका जीवन प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने महापंचायत में सरकार से मांग की कि डूंगरी गांव में बनने वाला यह बांध किसी अन्य स्थान पर बनाया जाए, ताकि गांवों का अस्तित्व बचा रहे और लोगों को बेवजह विस्थापन का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो आने वाले समय में वे उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए और उनके भविष्य और जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए निर्णय लेना चाहिए, ताकि उनके गांव और उनकी पहचान कायम रह सके
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