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महिलाओ के शुद्धि संस्कार एवं मंत्रोच्चार के साथ किया बीजों का अंकुररोपण, चेत्यालय से नविन जिनालय तक निकाली गई शोभायात्रा।

जयपुर

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जयपुर,(रॉयल पत्रिक) एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनियों में शुमार मानसरोवर के नजदीक स्थित मान्यवास न्यू सांगानेर रोड स्थित इंजीनियर्स कॉलोनी के नविन जिनालय के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारम्भ रविवार को प्रात: 9 बजे अंकुररोपण के साथ प्रारम्भ हुआ। ब्रह्मचारी जिनेश भेया के निर्देशन में आयोजित हुए कार्यक्रम की शुरुवात प्रात: 8.30 बजे चेत्यालय से हुई जिसमें सर्व प्रथम अंकुररोपण के सभी आठ पत्रों में केसर तिलक से स्वस्तिक शुद्धि संस्कार मंत्रोचारण के साथ किया गया और सभी पत्रों को महिलाओ ने अपने मस्तक पर विराजमान कर बैंड-बाजों और जयकारों के साथ नाचते–गाते नवीन जिनालय तक शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर पुरुषों ने हाथों में पंचरंगा ध्वज धारण कर ध्वज पताका फहराते हुए यात्रा में सम्मिलित हुए। नविन जिनालय में प्रवेश के पश्चात् नविन वेदी के सम्मुख महिलाओं ने पत्रों के साथ प्रकिमा निकाली और जिनालय में पत्रों की स्थापना कर अक्षत के द्वारा विशाल अंकुररोपण मंडल बनाया गया और केसर तिलक से स्वस्तिक बना सभी पत्रों को स्थापित किया गया और शुद्धिकरण किया गया।

इसके पश्चात् सभी पत्रों में सर्व प्रथम मिट्टी डालकर पत्रों को भरा गया, इसके बाद जिनेश भेया ने अंकुररोपण का महत्व बताया और 16 बीजों ( गेंहू, चना, जो, गवार, बाजरा, राजमा, तिल इत्यादि) का महत्व बताते हुए शुद्धिकरण कर मंत्रोच्चार के साथ अंकुररोपण करवाया गया, इस दौरान भगवन के माता–पिता बने तारादेवी–कमलचंद छाबड़ा, सौधर्म इंद्र गुणमाला, शिल्पी – दिवाकर चित्तोड़ा, धनपति कुबेर इंद्र सीमा–अशोक जैन पचेवर वाले, महायज्ञ नायक इंद्र रवि–ऋतू छाबड़ा, चक्रवती इंद्र रजनी–सपन छाबड़ा, महामंडलेश्वर इंद्र सीए मनीष – निशा छाबड़ा परिवार सहित सभी 39 प्रमुख इंद्र परिवारजनों एवं इंजीनियर्स कॉलोनी के सभी जैन परिवारजनों ने अंकुररोपण क्रिया में भाग लिया। प्रचार संयोजक अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया की रविवार को हर्षोल्लास के साथ नविन जिनालय में बीजों के साथ अंकुररोपण का कार्यक्रम सम्पन्न करवाया गया, इस दौरान सेकड़ों परिवारों ने भजन-भक्ति और हर्षोल्लास के साथ जिनेन्द्र प्रभु से आराधना करते हुए दुनिया के सभी प्राणियों के कल्याण की भावना व्यक्त कर बीजों का रोपण किया, इस क्रिया के बाद नगर में रविवार से पंचकल्याणक पर्व की विभिन्न क्रियाओ का शुभारम्भ प्रारम्भ हो गया है, जिसमें सर्व प्रथम रात्रि 8 बजे से पंचकल्याणक के सभी चयनित इंद्र – इंद्राणी पत्रों द्वारा जिनालय परिसर मे विन्तियों (अनुमोदना) के कार्यक्रम से प्रारम्भ की गई। जिसमे सौधर्म, कुबेर, महायज्ञ नायक, यज्ञनायक, चक्रवती, महामंडलेश्वर इंद्र – इन्द्रियों इत्यादि सहित सभी 39 प्रमुख इंद्र – इंद्राणी के सम्मान में भजन-भक्ति संध्या का आयोजन 13 जून तक लगातार आयोजित किया जाता रहेगा और बधाइयाँ बांटी जाएगी, इसी के साथ 13 जून को भगवान के माता–पिता बने तारा देवी–कमल चन्द छाबड़ा की गोद भराई का विशेष आयोजन सम्पन्न किया जायेगा, जिसमें संपूर्ण समाज सम्मिलित होकर माता की गोद भराई करेंगे और जिनेन्द्र आराधना करेंगे।

 

 

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