गौरव सेनानी करामत अली पठान सुपुर्द-ए-खाक, तीन बार राष्ट्रपति पदक से हो चुके थे सम्मानित
मोहम्मद अली पठान
लक्ष्मणगढ़, (रॉयल पत्रिका)। उपखंड के खीरवा गांव निवासी व पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह के ट्रेनर रहे। आपको चीफ ऑफ़ द आर्मी प्रतिनिधि ने पुष्प चक्र अर्पित की खिरवा गांव में जनाजे में शामिल क्षेत्र के लोग व सेना के अधिकारी पुलिस प्रशासन बड़ी संख्या में शामिल हुए। गौरव सेनानी करामत अली पठान की पार्थिव देह को सुपूर्द-ए- खाक किया गया। करामत अली बहादुर सैनिक होने के कारण तीन बार राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित हुए थे। 1977, 1979 में तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने दो बार सम्मानित किया था। इसके अलावा 1977 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने भी सम्मानित किया था। उनके जनाजे में सेना व अर्द्ध सैनिक बलों के वर्तमान व पूर्व अधिकारियों,पुलिस अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने शिरकत कर अंतिम विदाई दी। पठान का देर रात 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। जनाजा निकलने से पहले सुरक्षा बलों के वर्तमान व पूर्व अधिकारियों ने उनके जनाजे पर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। जनाजे पर पुष्प चक्र अर्पित करते सेना के अधिकारी।
चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी के प्रतिनिधि के रूप में नायब सूबेदार नईम खान, मेजर जनरल रोहित मेहरोत्रा जीओसी 61 सब एरिया, लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह जीओसी साउथ वेस्टर्न कमांड, लेफ्टिनेंट जनरल अरुण साहनी, कमांडेंट 61 कैवेलरी, डीजीपी बीएसएफ के प्रतिनिधियों द्वारा पुष्प चक्र चढ़ाया गया। करामत अली के बड़े बेटे करामत अली पठान व पत्नी के साथ तीनों बेटे। फाइल फोटो मेजर जनरल रोहित मेहरोत्रा, लेफ्टिनेंट जनरल. मनजिंदर सिंह ने पुष्प चक्र चढ़ाए डिप्टी कमांडेंट याकूब अली पठान, छोटे बेटे कर्नल सलीम पठान, कर्नल बिजेंद्र महला जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, लक्ष्मणगढ़ डीवाईएसपी दिलीप मीणा, जिला विशेष शाखा प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अयूब अली, तहसीलदार इमरान खान, तहसीलदार फारूक खान, बलारां एसएचओ नेकीराम, एएसआई सरवर खां, सूबेदार सार्दुल खान, हवलदार इफ्तेखार पठान 29 आरआर, हवलदार अकरम पठान व अरशद अयूब सहायक प्रशासनिक अधिकारी आदि ने भी पुष्प चक्र अर्पित किया। इसके अलावा भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हरिराम रणवां, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, भाजपा नेता दिनेश जोशी आदि ने भी मरहूम करामत अली पठान को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आप तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. नेहरू से पुरस्कार लेते हुए। 1966 व 1971 के युद्ध में भाग लिया था। करामत अली घुड़सवारी के शानदार खिलाड़ी व कुशल प्रशिक्षक भी थे। 1979 में मॉस्को प्री ओलम्पिक खेलों में गोल्ड मेडल जीते थे। पठान 1955 में सेना तथा 1974 में बीएसएफ ज्वॉइन किया था। 1967 से 1974 तक पुणे की नेशनल डिफेंस एकेडमी में घुड़सवारी के प्रशिक्षक थे। उस समय जनरल वीके सिंह एनडीए में कैडेट थे। करामत अली 1966 व 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में भाग ले चुके हैं। करामत अली के बेटे याकूब अली डिप्टी कमांडेंट पद से रिटायर हुए हैं। दो अन्य बेटे कर्नल सलीम पठान व कमांडर इरफान पठान अभी देश की सेवा में तैनात हैं।
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