गर्मी में सेहत और त्वचा की देखभाल
गर्मी अपने चरम पर है। पारा 45 डिग्री से ऊपर जा चुका है और कई जिलों में लू ने दस्तक दे दी है। इस तीखी गर्मी और तपती हवाओं से न सिर्फ शरीर की ऊर्जा खत्म होती है, बल्कि त्वचा, पाचन तंत्र और मानसिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ता है। ऐसे में ज़रूरी है कि हम गर्मी के मौसम में अपनी दिनचर्या, खानपान और स्वास्थ्य संबंधी आदतों में कुछ समझदारी भरे बदलाव करें।
सूरज की तपिश से कैसे करें त्वचा की हिफ़ाज़त?
गर्मी के मौसम में सबसे पहला असर हमारी त्वचा पर पड़ता है। अधिक तापमान और सूर्य की पराबैंगनी किरणें (UV Rays) त्वचा को झुलसा देती हैं, जिससे सनबर्न, झाइयां और असमय झुर्रियां तक हो सकती हैं।
जरूरी उपाय:
- सनस्क्रीन लगाना न भूलें: कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन धूप में निकलने से 20 मिनट पहले लगाएं। इसे हर 3 घंटे में दोहराना चाहिए।
- कॉटन कपड़े पहनें: सूती और ढीले कपड़े न सिर्फ हवा का प्रवाह बनाए रखते हैं, बल्कि त्वचा को राहत भी देते हैं।
- चेहरा ढक कर निकलें: धूप में निकलते समय चेहरे को स्कार्फ या दुपट्टे से ढकें और आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस पहनें।
शरीर को डिहाइड्रेशन से कैसे बचाएं?
गर्मी में शरीर से पसीने के ज़रिए बहुत सारा पानी और खनिज लवण (electrolytes) बाहर निकल जाते हैं। यह डिहाइड्रेशन, थकावट, चक्कर और सिरदर्द का कारण बनता है।
हाइड्रेशन टिप्स:
- दिनभर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं।
- घर से निकलते समय एक बोतल पानी, ORS या नींबू-पानी जरूर रखें।
- नारियल पानी, बेल शरबत, सत्तू, आम पना और छाछ जैसे देसी पेय दिन में एक बार ज़रूर लें।
गर्मी में क्या खाएं, क्या न खाएं?
खानपान गर्मी के मौसम में सबसे बड़ा फर्क ला सकता है। भारी, तले-भुने और मसालेदार भोजन शरीर में गर्मी पैदा करता है, जबकि कुछ खाद्य पदार्थ आपको ठंडक पहुंचाते हैं।
खाने योग्य (Do’s):
खाद्य पदार्थ लाभ
तरबूज, खरबूजा शरीर में पानी की पूर्ति करते हैं
ककड़ी, खीरा ठंडक देते हैं और पेट साफ़ रखते हैं
दही, छाछ पाचन में मददगार और शीतल प्रभाव देने वाले
सत्तू का शरबत ऊर्जा देता है और शरीर को ठंडा रखता है
बेल शरबत पेट की जलन और एसिडिटी में राहत
मौसमी फल (लीची, आम) विटामिन C और मिनरल्स से भरपूर
बचने योग्य (Don’ts):
- बहुत अधिक चाय-कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स या एनर्जी ड्रिंक्स
- गरिष्ठ, तैलीय और अधिक मिर्च-मसाले वाले व्यंजन
- बासी या खुले में रखे खाद्य पदार्थ (हीटिंग के कारण जल्दी खराब हो जाते हैं)
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लू और हीट स्ट्रोक से कैसे बचें?
राजस्थान में दोपहर के समय चलने वाली लू कई बार जानलेवा हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, लू लगने पर शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है, जिससे बेहोशी और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।
बचाव के उपाय:
- दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर के बाहर जाने से बचें।
- यदि निकलना हो, तो सिर पर टोपी या गीला गमछा रखें।
- घर लौटने पर तुरंत ठंडा पानी न पिएं — पहले कुछ मिनट आराम करें, फिर धीरे-धीरे पानी प
गर्मी कोई नई नहीं है, लेकिन लापरवाही नई नहीं होनी चाहिए। गर्मी को मात देने के लिए हमें समझदारी से चलना होगा। खानपान से लेकर कपड़ों तक, हर छोटी सावधानी बड़ा असर दिखा सकती है। गर्मी में स्वस्थ रहना मुश्किल नहीं — बस जागरूकता और अनुशासन की ज़रूरत है।
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