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विधानसभा में प्रश्न पूछ कर मांग लिए 20 लाख!

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  • एसीबी ने रंगे हाथ विधायक को पकड़ा
  • जब विधायक ही भ्रष्टाचार कर रहे हैं तो प्रदेश का विकास कैसे संभव है ?

जयपुर (रॉयल पत्रिका)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के बाँसवाड़ा जिले के बागीदौरा से विधायक जय कृष्णा पटेल को जयपुर में रविवार को 20 लाख रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। विधायक ने टोडाभीम के एक खान मालिक रविन्द्र कुमार मीना से विधानसभा में माइन्स संबंधी लगाये सवाल वापस लेने की एवज में दो करोड़ रूपए का सौदा किया और राशि किस्तों के रूप में मांगी थी। 20 लाख रूपए उसी क़िस्त का हिस्सा थे।

प्रदेश का पहला मामला –

प्रदेश का यह पहला मामला है जब एसीबी ने किसी विधायक को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। एसीबी के डीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि परिवादी खनन मालिक से विधानसभा के पास स्थित विधायक क्वार्टर परिसर में उसकी ही कार में बैठकर विधायक जय कृष्णा ने रिश्वत के रूपए लिए। विधायक ने गाड़ी में बैठकर रिश्वत के नोट गिने भी। टीम ने विधायक के हाथ धुलवाए तो उसमें नोटों पर लगाया रंग निकला।

उपचुनाव जीतकर बने थे विधायक –

जय कृष्णा बाँसवाड़ा जिले के बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक हैं। 4 जून 2024 को घोषित उपचुनाव परिणामों में जय कृष्णा पटेल ने भाजपा के सुदामा तम्बोलिया को 51434 वोटों से हराया था। यह सीट कांग्रेस विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय के कांग्रेस छोड़ भाजपा में जाने और सांसद का चुनाव लड़ने के चलते इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी।

विधानसभा में भी भ्रष्टाचार –

प्रश्न पूछकर अनुपस्थित रहना, प्रश्न पूछकर वापस लेना और प्रश्न के लिए पैसे लेना विशेषाधिकार हनन है। ऐसे मामलों में प्रिविलेज कमेटी से रिपोर्ट लेने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सदस्यता समाप्त करने का निर्णय कर सकते हैं। पहले भी संसद में ऐसे उदाहरण आये हैं। जिनमें सदस्यता समाप्त करने की कार्यवाही की गयी। विधायक का भ्रष्टाचार फैलाना वह भी विधानसभा में प्रश्न पूछकर, यह प्रदेश का पहला मामला है। आम जनता में यह तो माना जाता है कि विधायक सड़क, बिल्डिंग, पानी की पाईप लाईन, हेरीटेज बिल्डिंग रिपेयर, नगर निगम के ठेके आदि में कमीशन लेते हैं। लेकिन सबूत किसी के पास नहीं है। विधायक प्रदेश में भ्रष्टाचार फैलाएंगे तो प्रदेश का विकास कैसे होगा। विधायक को तो जनता की सेवा करने के लिए चुना जाता है।

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