पूर्व मंत्री महेश जोशी की पत्नी कौशल देवी का निधन
- ब्रेन हैमरेज से पीड़ित कौशल देवी ने ली अंतिम सांस, महेश जोशी को कोर्ट से मिली राहत
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। जल जीवन मिशन घोटाले में ईडी की हिरासत में चल रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेश जोशी की पत्नी कौशल देवी का सोमवार को निधन हो गया। उन्होंने जयपुर के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर 3 बजे चांदपोल स्थित मोक्षधाम में किया गया। इधर, पत्नी के निधन की खबर मिलते ही महेश जोशी ने कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था। कोर्ट ने उन्हें 4 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है। कांग्रेस के कई नेताओं ने महेश जोशी की पत्नी के निधन पर संवेदना प्रकट की है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेताओं ने महेश जोशी की पत्नी के निधन पर शोक जताया है।पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ‘पूर्व मंत्री महेश जोशी की पत्नी कौशल देवी जोशी का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए लिखा कि इस मुश्किल घड़ी में सभी परिजनों के साथ हैं।’ दरअसल, पूर्व मंत्री डॉ। महेश जोशी की पत्नी कौशल देवी का आज सुबह निधन हो गया है। वे ब्रेन हैमरेज से पीड़ित थी। उनकी दोनों किडनियां भी फेल हो गई थी, जिसके चलते उनका जयपुर के एक अस्पताल में उपचार चल रहा था। ईडी ने 24 अप्रैल को किया था जोशी को अरेस्ट : ईडी ने महेश जोशी को 24 अप्रैल को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया था। उनकी चार दिन की रिमांड अवधि आज सोमवार को पूरी हो रही थी, जिसके चलते ईडी ने आज उन्हें पीएमएलए मामलों के विशेष कोर्ट में पेश किया। ईडी की ओर से अधिवक्ता अजातशत्रु मीणा ने अदालत को बताया कि महेश जोशी से पूछताछ पूरी हो गई है। ऐसे में उन्हें जेल भेज दिया जाए। इसी दौरान जानकारी मिली की महेश जोशी की अस्पताल में भर्ती पत्नी का निधन हो गया है। ऐसे में महेश जोशी की ओर से अधिवक्ता दीपक चौहान ने अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर अंतिम संस्कार सहित अन्य रिवाजों में शामिल होने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा करने की गुहार की। वहीं, ईडी की ओर से कहा गया कि उन्हें 4 दिन की अंतरिम जमानत में कोई आपत्ति नहीं है। इस पर अदालत ने जोशी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश देने के बाद अंतरिम जमानत का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर 4 दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा करने को कहा है। –बता दें कि यह मामला केंद्र सरकार की हर घर नल पहुंचने वाली जल जीवन मिशन योजना से जुड़ा है। साल 2021 में श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी और मेसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के ठेकेदार पदमचंद जैन और महेश मित्तल ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनाकर जलदाय विभाग से करोड़ों रुपए के टेंडर हासिल कर लिए थे। घोटाले का खुलासा होने पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मामले की जांच शुरू की। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच करते हुए महेश जोशी, उनके सहयोगी संजय बढ़ाया और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की।
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