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गुजरात कांग्रेस के आधे नेता भाजपा से मिले हैं – राहुल गांधी

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गुजरात के लोग विकल्प चाहते हैं बी टीम नहीं चाहते हैं

कांग्रेस को 40-50 नेताओं को निकालना है तो निकाल देना चाहिए

कांग्रेस में पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले नेताओं पर संकट

एम. खान

जयपुर (रॉयल पत्रिका)। राहुल गांधी ने गुजरात में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूरे देश के ऐसे कांग्रेस नेताओं में घबराहट पैदा कर दी है जो कांग्रेस में रहकर दूसरी पार्टियों के लिए काम करते हैं। गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र आदि में ऐसे नेताओं की भरमार है। राहुल गांधी ने साफ-साफ कहा है कि गुजरात कांग्रेस में दो गुट है, एक वह जो कांग्रेस के लिए काम करता है तो दूसरा गुट भाजपा के लिए काम करते है। गुजरात की जनता विकल्प चाहती है। गुजरात में 40 प्रतिशत वोट विपक्ष के पास है। गुजरात जीतने के लिए हमें मात्र 5 प्रतिशत वोट बढ़ाने की जरूरत है। लेकिन हमें अब ऐसे नेताओं को हटाने की जरूरत है जो अंदरुनी रूप से भाजपा के लिए काम करते हैं। हम ऐसे नेताओं को पार्टी से निकाल देंगे जिससे उनको खुलकर दूसरी पार्टि में काम करने का अवसर मिलेगा। भाजपा में ऐसे लोगों की दाल ज्यादा दिन नहीं गलेगी।

कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने वाले पर संकट:-  कांग्रेस को कमजोर करने के लिए पूरी तैयारी की गई। कांग्रेस में जासूसों की तरह दूसरी पार्टी के कार्यकर्ता भेजे गए जो धीरे-धीरे पैठ  बनाने में कामयाब रहे। कई ऐसे कार्यकर्ता  कांग्रेस संगठन में उच्च पदों पर पहुंचे और कई कार्यकर्ता कांग्रेस के सत्ता में आने पर मंत्री, कैबिनेट मंत्री एवं मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री बनने में कामयाब हुए। जब इनके पेतृक संगठन और पार्टी से आदेश मिला तो इन्होंने कांग्रेस पार्टी में स्लीपर सैल का काम किया। कांग्रेस के मूल वोट बैंक को छिन्न-भिन्न किया। मौका मिलते ही कांग्रेस को छोड़कर दूसरी पार्टी एवं अपनी आदेशित पार्टी में शामिल हो गए। गुजरात के अलावा राजस्थान में भी कांग्रेस में ऐसे कार्यकर्ताओ और नेताओं की कमी नहीं है। जिन्होंने प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के लिए अनुकूल वातावरण होने के बावजूद हरवा दिया। राजस्थान कांग्रेस में स्लीपर सैल की आज भी कमी नहीं है। उनकी  कोशिश यही रहती है कि कांग्रेस को राजस्थान में मजबूत होने से रोका जाए। ऐसे नेता जाति, धर्म, समुदाय एवं क्षेत्रवाद का बहना लेकर राजनीति करते हैं। कई जिलों के जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी में बने बैठे हैं जो पूरे जिले के 10 हजार वोट अपनी जाति के वोट कांग्रेस को नहीं दिलवा सकते हैं। लेकिन ऐसे नेताओं की कांग्रेस संगठन में उच्च पदों पर पहुंचने की पूरी कोशिश रहती है।

कांग्रेस का क्या भविष्य है:- यदि कांग्रेस पार्टी में ऐसे स्लीपर सेल नेताओ की पहिचान होती है और उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाता है या कमजोर किया जाता है तो कांग्रेस का भविष्य अच्छा हो सकता है। कांग्रेस संगठन में जमीनों नेताओं और ऐसी जातियों के नेताओं को लिया जाता है, जो कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और पार्टी के लिए ईमानदारी से कम कर रहे हैं तो कांग्रेस भविष्य में जरूर मजबूत होगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देरी से ही सही लेकिन पार्टी के कमजोर होने के मुख्य कारणों में से एक की पहिचान करली है। वैसे कांग्रेस के कमजोर होने के कई अन्य कारण भी हैं जिसमें कांग्रेस कमजोर हो रही है। कांग्रेस पार्टी देश में धर्मनिरपेक्ष, सबको साथ लेकर चलने वाली एवं सबका ध्यान रखने वाली पार्टी माना जाता है। देश की 80 प्रतिशत जनता कांग्रेस की नीतियों को बुरा नहीं मानती है फिर क्यों कांग्रेस कमजोर होती जा रही है, मंथन करने की जरूरत है।

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