ट्रंप किसी को भी धमका देते हैं!
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी देश एवं उसके राष्ट्राध्यक्ष के बारे में कुछ भी बोल देते हैं और उनकी कई बातों में धमकी शामिल होती है। यूक्रेन, यूरोपीय यूनियन, कनाडा, चीन, भारत, ईरान, सीरिया एवं फिलिस्तीन को ट्रंप अब तक कई बार धमका चुके हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को तो साथ बैठाकर धमकाया और बेज्जती की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले तो यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को अमेरिका बुलाया और फिर पूरी दुनिया के सामने बेइज्जत किया गया। इसी तरह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधन के बहाने बेइज्जत किया गया। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री गंभीर और धैर्य रखने वाले थे, नहीं तो मंच पर ही करारा जवाब दे सकते थे। अमेरिकी राष्ट्रपति कभी कनाडा को अमेरिका का एक राज्य बनाने की बात करते हैं, तो कभी फिलिस्तीन को टूरिस्ट स्पॉट बनाने की बात करते हैं, कभी ईरान, सीरिया और तुर्की को परिणाम भुगतने की चेतावनी भी देते हैं। अमेरिका सिर्फ रूस, चीन, उत्तर कोरिया एवं इजराइल को धमकी नहीं देता है। क्योंकि रूस, चीन उत्तर कोरिया धमकी के बदले धमकी देते हैं व परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हैं। इजरायल में यहूदियों का बड़ा वर्चस्व है। अमेरिका की इकोनॉमी इजराइलियों पर निर्भर है और बड़े-बड़े इजरायली वैज्ञानिक अमेरिका में महत्वपूर्ण काम संभाल रहे हैं। इसलिए इजरायल का बुरा से बुरा कृत्य और गलतियां अमेरिका को सहन करना पड़ती हैं। दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप को लगता है कि अमेरिका अभी भी दुनिया का सुपर पावर देश है और किसी दूसरे देश में उससे मुकाबले की क्षमता नहीं है। जबकि दूसरे देश मानने लगे हैं कि अमेरिका का भविष्य अच्छा नहीं है। उसका हथियारों का बाजार लगातार कम हो रहा है चीन, रूस, भारत, तुर्की व ईरान जैसे देश उन्नत किस्म के हथियार बना रहे हैं साथ ही दूसरे देशों को बेच भी रहे हैं। अमेरिका की अर्थव्यवस्था में ज्यादातर पैसा हथियार बेचकर ही आता है जो लगातार कम हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति का व्यवहार जिस तरह का सामने आ रहा है उससे लगने लगा है कि उसके रिश्ते दूसरे देशों से अच्छे रहने वाले नहीं है। यूरोपीय देशों के बल पर अमेरिका विश्व में बेताज बादशाह बना हुआ था। यूएनओ में हमेशा अमेरिका पक्ष की जीत दिखाई देती थी। लेकिन अब आगे ऐसा नहीं रहने वाला है। मुस्लिम देश अमेरिका से पहले ही नाराज चल रहे हैं, भारत ने भी अमेरिका का एक लंबे समय तक साथ दिया है। जबकि अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत को तोड़ने की साजिश रची थी। भविष्य में अमेरिका का चीन के साथ बड़ा संघर्ष संभावित है क्योंकि चीन अमेरिका के सामने हर मोर्चे पर चुनौती बनता जा रहा है, जो उसको पसंद नहीं आ रहा है। इसलिए भविष्य में विश्व के देशों का शक्ति संतुलन बदलने वाला है। लेकिन वर्तमान में अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दूसरे देशों के प्रति व्यवहार उचित नहीं दिखाई दे रहा है। ट्रंप का यह व्यवहार अमेरिका के व्यापार एवं हैसियत को कम कर सकता है।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
