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हमारे प्रधानमंत्री मोदी क्या अमेरिका राष्ट्रपति ट्रम्प से एक तरफा दोस्ती रख रहें है

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-अमेरिका ने भारत की 182 करोड़ की चुनावी फंडिंग रोकी

-119 भारतीय अप्रवासियों को फिर बेडियों में भेजा

जयपुर (रॉयल पत्रिका)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती जग जाहिर है। भारतीय मीडिया में ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दोस्त कहकर प्रचारित किया जाता है। लेकिन जब से डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के दोबारा से राष्ट्रपति बने हैं तब से ही वे अमेरिका प्रथम की नीति पर चल रहे हैं। उनकी घोषणाएं और नीतियों से कहीं नहीं लगता है कि मोदी या भारत से उनको दोस्ती और सहानुभूति है। राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप अवैध प्रवासी भारतीयों को अपने सैनिक विमान से भरकर अमृतसर हाईवे अड्डे पर जबरन भेज दिया। भारत की आपत्ति के बाद भी अमेरिका ने दूसरी बार भी 16 फरवरी 2025 को 119 अवैध अमेरिकन अप्रवासियों को फिर से बेडियों में जकड़कर भारत के उसी अमृतसर हाईवे अड्डे पर भेज दिया। भारत के स्वभिमान की उसने कोई चिंता नहीं की। दूसरा अमेरिका के डिपार्मेंट ऑफ एफिशिएंसी (डी जे) ने रविवार को भारत को दी जाने वाली 182 करोड़ की आर्थिक मदद को रोक दिया। अमेरिका यह आर्थिक मदद चुनाव में मतदाता भागीदारी बढ़ाने के लिए देता था। इसलिए कहा जा सकता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति भारत के साथ कोई सहानभूति और दोस्ती नहीं रख रहे हैं और साथ में भारत से आयात होने वाली वस्तुओं पर टैरिफ लगाने की धमकी भी दे रहे हैं। ट्रंप की ऐसी नीतियों से भारत की आर्थिक स्थिति पर गलत प्रभाव पड़ सकता है, ऐसी स्थिति में ऐसा लगता है कि हमारे प्रधानमंत्री ट्रंप और अमेरिका से एक तरफा दोस्ती रख रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री भारत प्रथम की नीति पर कब चलेंगे। भारत में करीब 140 करोड़ लोग रहते हैं और भारत दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। मोदी जी को भारत के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार की कीमत पहिचाननी चाहिए।

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