अयोध्या व काशी विश्वनाथ से भी भव्य बने पुष्कर में ब्रह्मलोक कोरिडोर
- सरकार कोरिडोर प्रोजेक्ट को करे सार्वजनिक और बिना किसी के नुकसान व जनभावना से हों कॉरिडोर निर्माण
- पुष्कर विकास प्राधिकरण को कराएंगे लागू
- पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने प्रेस वार्ता में उठाए कई अहम मुद्दे
अजमेर(रॉयल पत्रिका)। पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष ने कहा कि तत्कालीन मुख्य मंत्री अशोक गहलोत सरकार के ड्रीम प्रॉजेक्ट रहे पुष्कर ब्रह्मलोक कारीडोर का अयोध्या व काशी विश्वनाथ की तर्ज पर भव्य निर्माण होना चाहिए, लेकिन कॉरिडोर का निर्माण बिना किसी का नुकसान व जन भावना के अनुसार हो। उन्होंने कहा कि पुष्कर में कोरिडोर प्रोजक्ट का विरोध नहीं हो रहा है बल्कि प्रोजक्ट को सार्वजनिक नहीं किए जाने से स्थानीय लोगों में विभिन्न प्रकार की आशंकाएं व दुकान, मकान टूटने का भय उत्पन्न हो रहा है। उससे जन आक्रोश फैल रहा हैं। सरकार को पुष्कर के लोगो को विश्वाश में लेना चाहिए व कोरिडोर प्रोजेक्ट के मॉडल को सार्वजनिक करना चाहिए। हो सकता है पुष्करवासी सरकार के ब्रह्मलोक कोरिडोर प्रोजक्ट के मॉडल से सहमत हो जाए। राजस्थान पर्यटन निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने शनिवार को पुष्कर में होटल सरोवर में मीडिया से रूबरू होते कहा कि पुष्कर में भव्य कोरिडोर निर्माण का मेरा सपना था। मैने गहलोत सरकार के कार्यकाल में भरसक सार्थक प्रयास किए। कांग्रेस के नेता वैद्यनाथ पाराशर, श्री तीर्थ गुरु पुष्कर पुरोहित संघ के प्रतिनिधियों के एक दल ने काशी विश्वनाथ का दौरा कर पुष्कर में ब्रह्मलोक कोरिडोर निर्माण हो अपनी सहमति प्रदान की थी।
देश के प्रसिद्ध आर्कटेक्चर अनूप भड़तिया द्वारा जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे प्रोजक्ट की डिजाइन तैयार की गई थी। इसके लिए गहलोत सरकार ने पुष्कर विकास प्राधिकरण बोर्ड के गठन व पांच सौ करोड़ रुपए के बजट की घोषणा भी की थी। राठौड़ ने कहा कि पुष्कर के विधायक केबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत को भाजपा कांग्रेस की राजनीति से हटकर कस्बे के प्रबुद्ध नागरिकों व्यापारिक संगठन पुरोहित समुदाय व कोरिडोर के हद में आने वाले स्वामित्व धारकों को कोरिडोर प्रोजेक्ट के प्लान को सार्वजनिक करना चाहिए। जिससे कोरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों में उत्पन्न हो रही भ्रांतियां व भय का माहौल समाप्त हो सके। ओर जगत पिता ब्रह्म की नगरी का ऐतिहासिक विकास व सौंदर्यीकरण हो सके। उन्होंने पत्रकारों के एक सवाल में कहा कि हमारी तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार ने पुष्कर विकास प्राधिकरण की घोषणा की थी, लेकिन भाजपा सरकार पुष्कर विकास प्राधिकरण लागू नहीं कर रही है। पुष्कर विकास प्राधिकरण को लागू करवाने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल व उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से भी मुलाकात की जाएगी।
ईडब्ल्यूएस आरक्षण सरलीकरण राजस्थान मॉडल को पूरे देश में किया जाए लागू
पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा आर्थिक पिछड़ा वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की आरक्षण सरलीकरण की नीति के राजस्थान मॉडल को पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए, जिससे युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरियों में लाभ मिल सके। राजस्थान पर्यटन विभाग के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि ईडब्ल्यूएस का दस प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी, लेकिन उसमें भूमि, मकान, संपति की शर्ते इतनी कठिन थी कि उसका जनरल केटेगरी के युवा लाभ नहीं उठा पा रहे थे। राजस्थान में गहलोत सरकार के कार्यकाल में आरक्षण सरलीकरण नीति के लागू होने के आठ महीने बाद ही संपति वाली कठिन शर्तों को हटाकर आठ लाख रुपए की आय के आधार पर राजस्थान मॉडल तैयार कर लागू किया गया, जिससे जनरल केटेगरी के लोगो को नौकरियों में भरपूर लाभ मिलने लगा। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार से मांग की है कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण नीति के राजस्थान मॉडल को पूरे देश में लागू किया जाए जिससे युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरियों में लाभ मिल सके । उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार जिस तरह से पंचायती राज में ओबीसी का दे रही है, उसी प्रकार ईडब्ल्यूएस को भी लागू करे।
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