रमजान से पहले गज़ा पट्टी में बनेंगी 100 मस्जिदें
इंडोनेशियाई मस्जिद काउंसिल ने गाजा पट्टी में 100 मस्जिदें बनाने की घोषणा की है। इंडोनेशिया के पूर्व उपराष्ट्रपति मुहम्मद जुसुफ कल्ला ने कहा कि ये योजनाएं गाजा के लोगों की तत्काल जरूरतों को देखते हुए तैयार की गई हैं। पिछले सवा साल तक हमास-इजरायल के युद्ध में इजरायली सेना के हमलों से तबाह हुए गाजा पट्टी में अब धीरे-धीरे लोग अपने आशियाने की ओर लौटने लगे हैं लेकिन वहां बुनियादी जरूरतों का घोर अभाव है। इजरायल ने हवाई और जमीनी हमलों और हमास की खुफिया सुरंगों को खोदने की सनक में पूरे गाजा पट्टी को वीरान कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि यहूदी हमलों में वहां करीब 1000 मस्जिदों को तबाह कर दिया गया है। इसे देखते हुए दुनिया के सबसे बड़े इस्लामिक देश इंडोनेशिया ने फिलिस्तीन के कब्जे वाली गाजा पट्टी में 100 मस्जिदें बनाने का ऐलान किया है। मिडिल ईस्ट मॉनिटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशियाई मस्जिद काउंसिल ने गाजा पट्टी में 100 मस्जिदें बनाने की घोषणा की है। इंडोनेशिया के पूर्व उपराष्ट्रपति मुहम्मद जुसुफ कल्ला ने कहा कि ये योजनाएं गाजा के लोगों की तत्काल जरूरतों को देखते हुए तैयार की गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि रमजान के पवित्र महीने के नजदीक आने के साथ ही इंडोनेशिया ने यह कदम उठाया है। अगले महीने 28 फरवरी या 1 मार्च से रमजान का पवित्र महीना शुरू होने जा रहा है, जो 29 मार्च तक चलेगा। इंडोनेशियाई मस्जिद प्रबंधन परिषद के वर्तमान अध्यक्ष कल्ला ने बताया कि पहले चरण में 10 अर्ध-स्थायी मस्जिदों का निर्माण करेगी, जिसे बाद में बढ़ाकर 100 कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहूदियों ने डेढ़ साल के हमले में गाजा में 1,000 से अधिक मस्जिदें नष्ट कर दी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इंडोनेशिया के मुसलमान गाजा में मस्जिदों के निर्माण में दिल खोलकर सहयोग करेंगे। कल्ला ने कहा कि उन्होंने गाजा में संबंधित अधिकारियों के साथ भी इस मुद्दे पर संपर्क किया है कि कैसे मस्जिद निर्माण प्रक्रिया को लागू किया जाए। बता दें कि गाजा पट्टी में युद्ध विराम 19 जनवरी को लागू हुआ है। युद्ध विराम का पहला चरण 42 दिनों तक चलेगा, जिसके दौरान मिस्र, कतर और अमेरिका की मध्यस्थता में दूसरे और फिर तीसरे चरण की बातचीत शुरू होगी।
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